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विडियोः नरेन्द्र सिंह नेगी और गिरदा के बीच जुगलबंदी – भाग २

आज मजे लीजिये गीत और कविताओं से सजी नरेन्द्र सिंह नेगी और गिरदा के बीच हुई जुगलबंदी का दूसरा भाग, ये जुगलबंदी उत्तराखंड के इन दो जबरदस्त कलाकारों के बीच विगत दिनों अमेरिका के न्यु जर्सी प्रान्त में हुई थी। इस जुगलबंदी का संचालन कर रहे थे डा. शेखर पाठक जी। जुगलबंदी के पहले भाग [...]

विडियोः नरेन्द्र सिंह नेगी और गिरदा के बीच जुगलबंदी

आज मजे लीजिये इस गीत और कविताओं से सजी इस जुगलबंदी का, ये जुगलबंदी उत्तराखंड के दो जबरदस्त कलाकारों के बीच विगत दिनों अमेरिका के न्यु जर्सी प्रान्त में हुई थी। जी हाँ ये दो कलाकार हैं – नरेन्द्र सिंह नेगी जी और गिरीश तिवारी ‘गिरदा’ के बीच। इस जुगलबंदी का संचालन कर रहे थे [...]

Valley of Flowers | फूलों की घाटी

उत्तरांचल, जहाँ एक तरफ बर्फ से ढकी ऊँची ऊँची चोटियां हैं वहीं दूसरी तरफ खुबसूरत वादियां, एक तरफ हैं सीढ़ीनुमा हरियाली समेटे खेत दूसरी तरफ गहरी गहरी घाटियां। लेकिन इन गहरी गहरी घाटियों के साथ एक ऐसी घाटी भी है जो अपने दामन में तरह तरह के फूलों को समेटे हुए है। ये घाटी फूलों [...]

लोकगीतः ठंडो रे ठंडो और ठंडो पानी गीत

वैसे तो ये गीतों की बारी नही थी, लेकिन थोड़ा व्यस्त रहने के कारण जो लेख शुरू किया था वो पूरा नही कर पा रहा हूँ, इसलिये तब तक आप ये दो लोकगीत सुनिये। पहला है “पी जाओ पी जाओ मेर पहाड़ को” गोपाल बाबू गोस्वामीजी की आवाज में (कुमाँउनी बोली में) और दूसरा है [...]

विडियोः बबली तेरो मोबाइल

आज आपको दिखा रहे है सुपरहिट गीत बबली तेरो मोबाइल का विडियो इस गीत पर होने वाली टिप्पणियों के सैकड़ा पार करने की खुशी में । इस गीत के दो वर्जन हैं, पहला वाला तो जो ओरिजिनली फिल्माया गया। दूसरा वाला जो शादी ब्याहों में बैकग्राउंड में बजता है और फोरग्राउंड में शादी में आये [...]

म्यार पहाड़

अगर मेरा गांव मेरा देश हो सकता है तो म्यार पहाड़ क्यों नही? म्यार पहाड़ यानि मेरा पहाड़ लेकिन ऐसा कहने से ये सिर्फ मेरा होकर नही रह जाता ये तो सब का है वैसे ही जैसे मेरा भारत हर भारतवासी का भारत। खैर पहाड़ को आज दो अलग अलग दृष्टि से देखने की कोशिश [...]

लोकगीतः सुरम्याला आंख तेरा घुंघराला बाल

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में गाया ये गीत। खुबसूरत बोलों से सुज्जित ये गीत लडकी की तारीफ में गाया हुआ गीत है, ये गीत आडियो एलबम पैलि पैलि प्यार से लिया गया है। शुरू की लाईनें कुछ इस तरह से है – सुरम्याला आंख तेरा घुंघराला बाल गोरी मुखडी जैसी हिरनी [...]

लोकगीतः घुघुती घुरोण लगी

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा गाया ये प्रसिद्ध गीत। जिसमें कि गायक घुघुती नाम की चिडिया की आवाज को सुन के, अपने मैत यानि कि मायका (घर) की याद को ताजा कर रहा है। शुरूआत के बोलों के भाव कुछ इस तरह से है कि मेरे घर [...]

लोकगीतः बबली तेरो मोबाईल

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में गाया ये गीत। लोकल और आधुनिक संगीत से सुज्जित ये गीत एक छेडछाड का गीत है जिसमें लडका एक बबली नामकी लडकी को फोन करता है। लडकी के फोन पे हँसने पर लडका ये गीत गाने लगता है, जिसके शुरूआती बोल का भावार्थ कुछ इस तरह [...]

पहाड‌ी शब्दकोशः एक नई शुरूआत

बहुत दिनों से चिट्ठा जगत से गायब रहने की मेहनत रंग लायी और अब अपने उत्तरांचल की बोली सीखने के लिये भी शब्दकोश तैयार हो रहा है। जी हाँ, आज ही एक नयी वेबसाईट का श्री गणेश इसके बीटा संस्करण के साथ किया है। इसका नाम है पहाडी शब्दकोश, ये वास्तव में एक कोशिश है [...]

जल समाधि एक शहर की

हर व्‍यक्‍ति की जिंदगी में कुछ ना कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्‍हें वो अक्‍सर याद करता रहता है। किसी ना किसी शहर की कोई ना कोई गली ताउम्र याद रहती है क्‍योंकि उसमें कहीं उसका बचपन और बचपन की यादें दफन रहती हैं। और वो शहर तो सभी को याद रहता है जिस शहर [...]

टेहरी गढ़वाल का संक्षिप्‍त इतिहास

टिहरी और गढ़वाल दो अलग नामों को मिलाकर इस जिले का नाम रखा गया है। जहाँ टिहरी बना है शब्‍द ‘त्रिहरी’ से, जिसका मतलब है एक ऐसा स्‍थान जो तीन तरह के पाप (जो जन्‍मते है मनसा, वचना, कर्मा से) धो देता है वहीं दूसरा शब्‍द बना है ‘गढ़’ से, जिसका मतलब होता है किला। [...]

[ More ] February 22nd, 2006 | 27 Comments | Posted in इतिहास |
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