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लोकगीत: बेडु पाको बारो मासा

‘बेडु पाको बारो मासा’ ये आपने अवश्य ही सुना होगा आमिर खान द्धारा अभिनीत, प्रसून जोशी द्धारा रचित कोका कोला के विज्ञापन में, आज कुमाँऊ का ये लोकगीत आपके पेशे खिदमत है। अगर आपने राजश्री की फिल्म विवाह देखी होगी तो इस गीत के पहली लाईन की ट्यून पर जरूर गौर किया होगा। ये गीत [...]

कुमाँऊ का संक्षिप्त इतिहास

कुमाँऊ शब्द की उत्पत्ति कुर्मांचल से हुई है जिसका मतलब है कुर्मावतार (भगवान विष्णु का कछुआ रूपी अवतार) की धरती। कुमाँऊ मध्य हिमालय में स्थित है, इसके उत्तर में हिमालय, पूर्व में काली नदी, पश्चिम में गढ‌वाल और दक्षिण में मैदानी भाग। इस क्षेत्र में मुख्यतया ‘कत्यूरी’ और ‘चंद’ राजवंश के वंशजों द्धारा राज्य किया [...]

[ More ] September 4th, 2006 | 62 Comments | Posted in इतिहास |

लोकगीत: घुघुती ना बासा

घुघुती एक चिड‌िया का नाम है जो आम के पेड‌़ में बैठ के गीत गाती है, ये गीत एक स्त्री द्धारा अपने पति की विरह की भावनाओं को व्यक्त करता है, जिसका पति लदाख में तैनात है। गीत के बोल पढ़ कर समझिये और फिर गाने का मजा लीजिये। घुघुती ना बासा, आमे कि डाई [...]

अल्‍मोड़ा

प्रकृति के मनोहारी द्रश्‍यों से भरपूर उत्तरांचल का एक खुबसूरत जिला अल्‍मोड़ा, सुन्‍दर पहाड़, घने जंगल, खुबसूरत वादियां, साफ सुथरी झीलें, कल-कल करती नदियाँ, पुरातन सांस्‍कृतिक प्रभाव यही सब अल्‍मोड़ा को भारत का स्‍वीटजरलैण्‍ड कहे जाने के लिये विवश करता है। यहाँ से हिमालय का शानदार द्रश्‍य बड़ा ही मनोहारी दिखायी देता है, अगर हिमालय [...]

[ More ] February 19th, 2006 | 31 Comments | Posted in कुमाऊँ, पर्यटन |