< Browse > Home /

| Mobile | RSS

  

मकर संक्रान्तिः घुघुतिया और मेले ही मेले

जनवरी माह में उत्तर भारत में मकर संक्रान्ति, दक्षिण में पोंगल और पंजाब में लोहड़ी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर में उत्तराखंड में एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है, कुमाँऊ में अगर आप मकर संक्रान्ति में चले जायें तो आपको शायद कुछ ये सुनायी पड़ जाय – काले कौव्वा, खाले, [...]

Interview: गढ़वाली सिनेमा के जनक पराशर गौढ़ के साथ बातचीत – 2

गड़वाली सिनेमा के २५ साल पूरे होने पर हमने जा पकड़ा, पहाड़ी महिला के संघर्ष की कहानी कहती फिल्म “गौरा” और पहली गढ़वाली फिल्म “जग्वाल” के निर्माता पराशर गौढ़ को, और उनके साथ करी एक लंबी बातचीत। आज से उसी बातचीत का सिलसिला यहाँ शुरू कर रहे हैं। पिछली पोस्ट के साथ हमने पराशर गौढ़ [...]

[ More ] July 1st, 2008 | 4 Comments | Posted in व्यक्तिव, सिनेमा |

Interview: गढ़वाली सिनेमा के जनक पराशर गौढ़ के साथ बातचीत

गड़वाली सिनेमा के २५ साल पूरे होने पर हमने जा पकड़ा, पहाड़ी महिला के संघर्ष की कहानी कहती फिल्म “गौरा” और पहली गढ़वाली फिल्म “जग्वाल” के निर्माता पराशर गौढ़ को, और उनके साथ करी एक लंबी बातचीत। आज से उसी बातचीत का सिलसिला यहाँ शुरू कर रहे हैं। “मुश्किल नही है कुछ भी अगर ठान [...]

[ More ] June 26th, 2008 | 24 Comments | Posted in व्यक्तिव, सिनेमा |

जल समाधि एक शहर की

हर व्‍यक्‍ति की जिंदगी में कुछ ना कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्‍हें वो अक्‍सर याद करता रहता है। किसी ना किसी शहर की कोई ना कोई गली ताउम्र याद रहती है क्‍योंकि उसमें कहीं उसका बचपन और बचपन की यादें दफन रहती हैं। और वो शहर तो सभी को याद रहता है जिस शहर [...]

टेहरी गढ़वाल का संक्षिप्‍त इतिहास

टिहरी और गढ़वाल दो अलग नामों को मिलाकर इस जिले का नाम रखा गया है। जहाँ टिहरी बना है शब्‍द ‘त्रिहरी’ से, जिसका मतलब है एक ऐसा स्‍थान जो तीन तरह के पाप (जो जन्‍मते है मनसा, वचना, कर्मा से) धो देता है वहीं दूसरा शब्‍द बना है ‘गढ़’ से, जिसका मतलब होता है किला। [...]

[ More ] February 22nd, 2006 | 27 Comments | Posted in इतिहास |

उत्तरांचल

उत्तरांचल यानि देवभूमि, मीलों फैला हिमालय और इस धरती का एक ओर स्‍वर्ग। हर किसी को हर कहीं से लुभाने के लिये लालायित एक रमणीय प्रदेश। स्‍वच्‍छ वायु, निर्मल जल, कँपकँपाती बर्फ, दूर तक फैली हरियाली, विशाल पहाड़, छोटे छोटे गाँव, सीधे-सादे लोग, कड़ी जीवन शैली यही है उत्तरांचल। एक तरफ उत्तरांचल जहाँ प्रकृति प्रेमियों [...]

[ More ] February 18th, 2006 | 7 Comments | Posted in सामान्‍य |