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लोकगीतः ठंडो रे ठंडो और ठंडो पानी गीत

वैसे तो ये गीतों की बारी नही थी, लेकिन थोड़ा व्यस्त रहने के कारण जो लेख शुरू किया था वो पूरा नही कर पा रहा हूँ, इसलिये तब तक आप ये दो लोकगीत सुनिये। पहला है “पी जाओ पी जाओ मेर पहाड़ को” गोपाल बाबू गोस्वामीजी की आवाज में (कुमाँउनी बोली में) और दूसरा है [...]

विडियोः बबली तेरो मोबाइल

आज आपको दिखा रहे है सुपरहिट गीत बबली तेरो मोबाइल का विडियो इस गीत पर होने वाली टिप्पणियों के सैकड़ा पार करने की खुशी में । इस गीत के दो वर्जन हैं, पहला वाला तो जो ओरिजिनली फिल्माया गया। दूसरा वाला जो शादी ब्याहों में बैकग्राउंड में बजता है और फोरग्राउंड में शादी में आये [...]

म्यार पहाड़

अगर मेरा गांव मेरा देश हो सकता है तो म्यार पहाड़ क्यों नही? म्यार पहाड़ यानि मेरा पहाड़ लेकिन ऐसा कहने से ये सिर्फ मेरा होकर नही रह जाता ये तो सब का है वैसे ही जैसे मेरा भारत हर भारतवासी का भारत। खैर पहाड़ को आज दो अलग अलग दृष्टि से देखने की कोशिश [...]

लोकगीतः सुरम्याला आंख तेरा घुंघराला बाल

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में गाया ये गीत। खुबसूरत बोलों से सुज्जित ये गीत लडकी की तारीफ में गाया हुआ गीत है, ये गीत आडियो एलबम पैलि पैलि प्यार से लिया गया है। शुरू की लाईनें कुछ इस तरह से है – सुरम्याला आंख तेरा घुंघराला बाल गोरी मुखडी जैसी हिरनी [...]

होली मुबारक साथ में जानिये कुमाऊंनी होली

उत्तरांचल पढने वाले सभी पाठकों को होली की बहुत बहुत शुभकामनायें और उन सभी उत्तरांचली बंधुओं को बहुत बहुत धन्यवाद जिन्होंने टिप्पणी के द्वारा होली की शुभकामनायें सभी के लिये दीं। आप सब की ये होली रंगों भरी और मस्ती भरी रहे। पिछली होली में मैंने एक आलेख कुमाउंनी होली के ऊपर लिखा था अगर [...]

[ More ] March 1st, 2007 | 12 Comments | Posted in कुमाऊँ, त्‍यौहार |

लोकगीतः घुघुती घुरोण लगी

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा गाया ये प्रसिद्ध गीत। जिसमें कि गायक घुघुती नाम की चिडिया की आवाज को सुन के, अपने मैत यानि कि मायका (घर) की याद को ताजा कर रहा है। शुरूआत के बोलों के भाव कुछ इस तरह से है कि मेरे घर [...]

लोकगीतः ओ परूआ बोजू

आज हम सुना रहे हैं ये गीत लेकिन दो अलग अलग तरीके से, जी हाँ पहले सुनिये बगैर म्यूजिक के ओरिजनल शेरदा ‘अनपढ’ की आवाज में इस गीत की एक झलक। फिर सुनिये इसी गाने का कमर्शियल या म्यूजिकल वर्जन। शेरदा कुमाऊँ में काफी प्रसिद्ध हैं, उनकी कवितायें और गीत काफी मधुर और सफल रहे [...]

उत्तरांचल के ये चार पद्म श्री-२००७

वैसे तो हर साल अलग अलग लोगों को उनके विशिष्ट कार्यों के कारण ये अवार्ड दिया जाता है, इस साल भी दिया गया लेकिन इस बार इसमें उत्तरांचल के भी चार नाम शामिल थे। ये हैं – स्वर्गीय प्रोफेसर देविन्द्र राहिनवाल को उनके समाज कार्यों के लिये (यह इनको मरणोपरांत दिया गया), श्री खालिद जहीर [...]

[ More ] January 26th, 2007 | 6 Comments | Posted in व्यक्तिव |

लोकगीतः नौछमी नारेणा

इस बार गीत के साथ साथ विडियो के भी मजे लीजिये, ये गीत शायद उत्तरांचल का अभी तक का सबसे ज्यादा विवादास्पद गीत होगा। गीत गाया है नरेन्द्र सिंह नेगी ने, इसमें उत्तरांचल में बनी सरकारों के कामों में व्यंगात्मक टिप्पणियां की है। शुरूआत होती है बीजेपी की सरकार की बात से कि कैसे उन्होने [...]

लोकगीतः बबली तेरो मोबाईल

इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में गाया ये गीत। लोकल और आधुनिक संगीत से सुज्जित ये गीत एक छेडछाड का गीत है जिसमें लडका एक बबली नामकी लडकी को फोन करता है। लडकी के फोन पे हँसने पर लडका ये गीत गाने लगता है, जिसके शुरूआती बोल का भावार्थ कुछ इस तरह [...]

लोकगीत: बेडु पाको बारो मासा

‘बेडु पाको बारो मासा’ ये आपने अवश्य ही सुना होगा आमिर खान द्धारा अभिनीत, प्रसून जोशी द्धारा रचित कोका कोला के विज्ञापन में, आज कुमाँऊ का ये लोकगीत आपके पेशे खिदमत है। अगर आपने राजश्री की फिल्म विवाह देखी होगी तो इस गीत के पहली लाईन की ट्यून पर जरूर गौर किया होगा। ये गीत [...]

पहाड‌ी शब्दकोशः एक नई शुरूआत

बहुत दिनों से चिट्ठा जगत से गायब रहने की मेहनत रंग लायी और अब अपने उत्तरांचल की बोली सीखने के लिये भी शब्दकोश तैयार हो रहा है। जी हाँ, आज ही एक नयी वेबसाईट का श्री गणेश इसके बीटा संस्करण के साथ किया है। इसका नाम है पहाडी शब्दकोश, ये वास्तव में एक कोशिश है [...]