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कुमाऊँनी लोकगीतः ओ भिणा कसके जाणूँ द्वरहटा

कुमाँऊ का ये एक बहुत प्रसिद्ध लोकगीत है, मुझे याद है बचपन में स्कूल में हमने इस पर डांस भी किया था। ये गीत जीजा साली के बीच हो रहे संवादों से बना है। रानीखेत से आगे एक जगह पड़ती है द्वाराहाट, जहाँ हर साल मेला लगता है (पहले लगता था इसलिये कह सकता हूँ [...]