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पहाड़ी गीतः अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे

गोपाल बाबू गोस्वामी जी की आवाज में सुनिये ये मधुर और प्रसिद्ध कुमाऊँनी गीत। ये गीत एक पति द्वारा अपनी पत्नी दुर्गा के लिये गाया गया है। ये दोनों पति और पत्नी पग डंडियों पर मस्त होकर छेड़ छाड़ करते हुए द्वाराहाट के स्याल्दे बिखौती के मेले में घूमने के लिये जा रहे हैं लेकिन मेले में पहुँचते ही दुर्गा भीड़ में खो (या पति से बिछड़) जाती है। अब वो बेचारा पति ये गीत गाता हुआ अपनी दुर्गा को ढूँढने लगता है। जिसमें वह दुर्गा के रूप का बखान करता हुआ लोगों से पूछता है कि क्या उन्होंने उसे कहीं देखा है।

अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे

अले म्यार दगाड छि यो म्याव में, अले जानी कॉ छटिक गे। येल म्यार गाव गाव गाड़ीये है, मी कॉ ढूढ़ँउ इके इतु खूबसूरत छो यो, क्वे छटके ले जालो। क्वे गेवारिया या द्वार्हटिया तो म्यार खवाड फोड़ हो जाल दाज्यू देखो धैंई तुमिल कति देखि?

अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे – २

दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे

ओ दाज्यू तुमले देखि छो
यारो बते दियो भागी
तुमले देखि छो यारो बते दियो भागी
रंगीली पिछोदी उकी कुटली घागेरी
आंगेड़ी मखमली दाज्यू मेरी दुर्गा हरे गे

सार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे – २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
द्वारहाट कौतिक मेरी दुर्गा हरे गे
स्याल्दे कौतिक मेरी दुर्गा हरे गे
दुर्गा चाने चाने मेरी कमरा पटे गे – २

दुर्गा मीके खाली मै तो कलि
गुलाबी मुखडी उकी काई काई आंखि – २
गालडी उगे जैसी ग्यु की जै फुलुकी – २
सुकिला चमकीला दांता मेरी दुर्गा हरे गे

सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे – २
दुर्गा चाने चाने मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे – २

दाज्यू तैल बजार मैल बजार द्वाराहटा कौतिक में
तैल बजार मैल बजार सार कौतिक में
सारी कौतिक ढूंढ़ई
हाय दुर्गा तू का मर गे छे पाई गे छे आंखी – २
मेरी दुर्गा हरे गे

सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे – २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कौतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे – २
अब मैं कसिक घर जानू दुर्गा का बिना – २
कौतिका सब घर ल्हे गये
कौतिका सब घर ल्हे गये
धार लहे गो दिना
म्येर आंखी भरीं लेगे
दाज्यू किले हसन नै छ

सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
ओ हिरदा सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कौतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे – २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे – २
हिरदा दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे
हिरदा दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे

दुर्गा हरे गे सुनने के लिये प्ले के साईन पर क्लिक करें:

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डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।

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22 Responses to “पहाड़ी गीतः अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे”

  1. Poonam Chamoli Says:

    is kubsurat se geet ko bhejne ke liye apka sukriya or sare uttrakand vasio ko mera namskaaror

  2. alpana Says:

    aaj kuchh hat kar suna…beats kitni sundar hain!
    jyada samjh nahin aaya ,lekin prastavan aap ne di hai to us adhaar par samjhne ki koshish ki.
    pahadi geeton ki baat hi alag hai..geet suntey hi paanv khud thirkne lagtey hain.
    sundar geet sunane ke liye abhaar.

  3. P.C.Dabral Says:

    Lot of thanks to you.

  4. mukul updhyay Says:

    bahut sunder geet hai aur gopal babu ki awaz is geet ke bhaw ke saath pura -pura nyay karti hai bahut badiya.

  5. dr.anurag Says:

    पहली बार सुना ….अच्छा लगा

  6. ghughutibasuti Says:

    सुनकर आनन्द आ गया।
    धन्यवाद।
    घुघूती बासूती

  7. - लावण्या Says:

    बहुत अच्छा लगा पहाडी गाना

  8. islam Says:

    hi dear thanks of lot.realy i enjoy thank u

  9. Thakur Singh Rawat Says:

    phari gane bahoot pasand hai

  10. Mukesh Pathak Says:

    This is very good way to promote our Uttarakhand in India and around the world. Thanks alot. Good Song

  11. Mukesh Pathak Says:

    This is very good song. I wish the Uttarakhand will make its position in India and around the world. Thanks alot. Good Song.

  12. chandan kumar Says:

    hi veri gud songs mujhe ye geet sunkar bahut aacha laga tenksh

  13. राम दत्त तिवारी-दुबई से Says:

    thank you, tarun ji

  14. साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन Says:

    बहुत सुन्‍दर गीत। परिचय कराने के लिए आभार।

  15. Rajen Says:

    सिबौssss लालि, दुर्गा हरै गे..

    बहुत ख़ूबसूरत गीत है.
    सुनाने के लिए धन्यबाद.
    राजेन…

  16. harish chandra kandpal Says:

    please give me almora location lala bazar,mall road.lower mall road.
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  17. shankar.nath.goswami Says:

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  18. uttam rawat Says:

    es etihasik geet bejne ke leye aap ka dhaniya bhad

  19. bhupee Says:

    hello guy;s i love uttranchali song because i am from uttranchal and i miss my uttranchal plz uttranchal call me soon

  20. manoj arya Says:

    so lovely hirda ji durga hare ge

  21. Laxman Singh Anna Says:

    Dadaa aaj u pardesh mai apun muluk ki yaad aage, aaj ji bhar ghi.

    ju la chha tumar bhaut-2 dhanywad

  22. Rahul Bisht Says:

    I Love pahari songs
    Thanks A lot
    Ye music Downlood nahi hote kyaa

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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