पहाड़ी गीतः अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
Posted by on March 3, 2009 Filed under कुमाऊँनी संगीत, गीत और संगीत
गोपाल बाबू गोस्वामी जी की आवाज में सुनिये ये मधुर और प्रसिद्ध कुमाऊँनी गीत। ये गीत एक पति द्वारा अपनी पत्नी दुर्गा के लिये गाया गया है। ये दोनों पति और पत्नी पग डंडियों पर मस्त होकर छेड़ छाड़ करते हुए द्वाराहाट के स्याल्दे बिखौती के मेले में घूमने के लिये जा रहे हैं लेकिन मेले में पहुँचते ही दुर्गा भीड़ में खो (या पति से बिछड़) जाती है। अब वो बेचारा पति ये गीत गाता हुआ अपनी दुर्गा को ढूँढने लगता है। जिसमें वह दुर्गा के रूप का बखान करता हुआ लोगों से पूछता है कि क्या उन्होंने उसे कहीं देखा है।
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
अले म्यार दगाड छि यो म्याव में, अले जानी कॉ छटिक गे। येल म्यार गाव गाव गाड़ीये है, मी कॉ ढूढ़ँउ इके इतु खूबसूरत छो यो, क्वे छटके ले जालो। क्वे गेवारिया या द्वार्हटिया तो म्यार खवाड फोड़ हो जाल दाज्यू देखो धैंई तुमिल कति देखि?
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे - २दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे
अल्खते बिखौती मेरी दुर्गा हरे गेओ दाज्यू तुमले देखि छो
यारो बते दियो भागी
तुमले देखि छो यारो बते दियो भागी
रंगीली पिछोदी उकी कुटली घागेरी
आंगेड़ी मखमली दाज्यू मेरी दुर्गा हरे गेसार कोतिक चान मेरी कमरा पटे गे - २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
द्वारहाट कौतिक मेरी दुर्गा हरे गे
स्याल्दे कौतिक मेरी दुर्गा हरे गे
दुर्गा चाने चाने मेरी कमरा पटे गे - २दुर्गा मीके खाली मै तो कलि
गुलाबी मुखडी उकी काई काई आंखि - २
गालडी उगे जैसी ग्यु की जै फुलुकी - २
सुकिला चमकीला दांता मेरी दुर्गा हरे गेसार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे - २
दुर्गा चाने चाने मेरी कमरा पटे गे
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे - २दाज्यू तैल बजार मैल बजार द्वाराहटा कौतिक में
तैल बजार मैल बजार सार कौतिक में
सारी कौतिक ढूंढ़ई
हाय दुर्गा तू का मर गे छे पाई गे छे आंखी - २
मेरी दुर्गा हरे गेसार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे - २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे
सार कौतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे
दुर्गा चान चान मेरी कमरा पटे गे - २
अब मैं कसिक घर जानू दुर्गा का बिना - २
कौतिका सब घर ल्हे गये
कौतिका सब घर ल्हे गये
धार लहे गो दिना
म्येर आंखी भरीं लेगे
दाज्यू किले हसन नै छसार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
ओ हिरदा सार कौतिक चान मेरी कमरा पटे गे
सार कौतिक चान चान मेरी कमरा पटे गे - २
अल्बेर बिखौती मेरी दुर्गा हरे गे - २
हिरदा दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे
हिरदा दुर्गा हरे गे
बतै दे दुर्गा हरे गे
डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।
Tags: Gopal-babu-goswami, kumaoni geet, kumaoni-folk-song, Lyrics, uttarakhand-geet
उत्तरांचल में आने का धन्यवाद, क्या आपको ये आलेख पसंद आया, क्यों नही आप टिप्पणी के रूप में अपने विचार भी प्रकट करें। और अगर चाहें तो आप सब्सक्राइब भी कर सकते हैं, जब भी इस साईट पर नया कुछ पोस्ट होगा वो आपको आपकी ईमेल में मिल जायेगा।
















I Love pahari songs
Thanks A lot
Ye music Downlood nahi hote kyaa
Dadaa aaj u pardesh mai apun muluk ki yaad aage, aaj ji bhar ghi.
ju la chha tumar bhaut-2 dhanywad
so lovely hirda ji durga hare ge
hello guy;s i love uttranchali song because i am from uttranchal and i miss my uttranchal plz uttranchal call me soon
es etihasik geet bejne ke leye aap ka dhaniya bhad
i,love,you,my,uttarakand,i,love,kumawni,song,my,village,dania,distt,almora
please give me almora location lala bazar,mall road.lower mall road.
golu devta mandir,nanda devi mandir.kasar devi mandir.
good information give my email
thank you
harish ph-9871274148
सिबौssss लालि, दुर्गा हरै गे..
बहुत ख़ूबसूरत गीत है.
सुनाने के लिए धन्यबाद.
राजेन…
बहुत सुन्दर गीत। परिचय कराने के लिए आभार।
thank you, tarun ji
hi veri gud songs mujhe ye geet sunkar bahut aacha laga tenksh
This is very good song. I wish the Uttarakhand will make its position in India and around the world. Thanks alot. Good Song.
This is very good way to promote our Uttarakhand in India and around the world. Thanks alot. Good Song
phari gane bahoot pasand hai
hi dear thanks of lot.realy i enjoy thank u
बहुत अच्छा लगा पहाडी गाना
सुनकर आनन्द आ गया।
धन्यवाद।
घुघूती बासूती
पहली बार सुना ….अच्छा लगा
bahut sunder geet hai aur gopal babu ki awaz is geet ke bhaw ke saath pura -pura nyay karti hai bahut badiya.
Lot of thanks to you.
aaj kuchh hat kar suna…beats kitni sundar hain!
jyada samjh nahin aaya ,lekin prastavan aap ne di hai to us adhaar par samjhne ki koshish ki.
pahadi geeton ki baat hi alag hai..geet suntey hi paanv khud thirkne lagtey hain.
sundar geet sunane ke liye abhaar.
is kubsurat se geet ko bhejne ke liye apka sukriya or sare uttrakand vasio ko mera namskaaror