< Browse > Home / Archive: January 2009

| Mobile | RSS

  

मकर संक्रान्तिः घुघुतिया और मेले ही मेले

जनवरी माह में उत्तर भारत में मकर संक्रान्ति, दक्षिण में पोंगल और पंजाब में लोहड़ी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर में उत्तराखंड में एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है, कुमाँऊ में अगर आप मकर संक्रान्ति में चले जायें तो आपको शायद कुछ ये सुनायी पड़ जाय – काले कौव्वा, खाले, [...]

वो भांगे की चटनी, वो नौले का पानी

जगजीत सिंह की गायी मशहूर गजल से २-३ लाईनें उधार लेकर अपने बचपन की यादों को इस गीत गजल में समेटने की कोशिश की है। आज ऐसे ही कुछ सफाई कर रहा था तो २-३ साल पहले लिखी ये गजल मुझे मिल गयी। पहाड़ों में बिताये उन अनमोल पलों को समेटने की कोशिश जो अब [...]

[ More ] January 8th, 2009 | 22 Comments | Posted in Uttarakhand's Life |

अपराध बोध

उत्तरांचल के पहाड़ और उन्हें काटती हुई सर्पनुमा सड़कें और सड़कों के ऊपर नीचे दिखते सीढ़ीनुमा खेत बहुत ही सुन्दर लगते हैं। इन्हीं खेतों के इर्दगिर्द नजर आते हैं छोटे छोटे गाँव, शायद किसी सैलानी का मन ये सब देखकर वहीं बसने का करता भी हो। लेकिन दूर से मनलुभावने वाले ये गाँवों के दृश्य [...]

[ More ] January 4th, 2009 | 11 Comments | Posted in Reader's/Guest Column, Uttarakhand's Life |

पहाड़ी गीतः पहाड़ छूटी ग्यो

अपनों से बिछड़ने की व्यथा (यानि Home Sickness) को व्यक्त करता है ये गीत। एक पहाड़ी नौकरी की तलाश में पहाड़ छोड़ कर परदेश (यानि मैदानी इलाके या फिर दूसरे देश) चला जाता है। उसके बाद उसे याद आती है घर की सब बातें, उस पहाड़ की बातें जहाँ देवताओं का धाम है, घर छोड़ते [...]