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पहाड़ी गीतः म्यर पहाड़

आज एक ऐसे पहाड़ी गीत के बारे में बात करते हैं और सुनते हैं जिसे किसी प्रोफेशनल गायक ने नही गाया। बल्कि ये गीत उस नौजवान पीढ़ी का नतीजा है जो नाम के बजाय काम के प्रति समर्पित है। म्यर पहाड़ पर लिखे अपने आलेख में मैने जिक्र किया था पहाड़ के नौजवानों का जिन्हें नौकरी और अच्छी पढ़ाई की खातिर पहाड़ छोड़ना पड़ जाता है। उन्हीं में से कई युवाओं ने अलग-अलग ग्रुप बनायें हुए हैं जो पहाड़ की बेहतरी के लिये अपने-अपने स्तर पर कुछ कार्य कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है क्रियेटिव उत्तराखंड म्यर पहाड़, इन्होंने अपने आपको २ मुख्य डोमेन में बाँटा हुआ है, जिनमें से एक है g-troupe। जिसका मकसद उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को बरकरार रखने का है और इस दिशा में ये लोग समय समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम करते रहते हैं।

इन्हीं लोगों ने मिलकर निकाला पहाड़ी गीतों का एक एलबम – म्यर पहाड़। इस एलबम की एक विशेषता ये है कि इसमें किसी का भी नाम नही दिया गया है, ना उनका जिन्होंने गीत लिखे, ना ही उनका जिन्होंने संगीत दिया और ना ही उनका जिन्होंने इन मधुर गीतों को अपने मधुर स्वर दिये। अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे है इन लोगों को संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिर्फ शौक भर था। लेकिन इस ऐलबम को सुनने के बाद ये कहीं से भी नही लगता। इस एलबम के बारे में फिर कभी विस्तार से बात करेंगे आज सुनते हैं इसी का टाईटिल गीत – म्यर पहाड़।

हालांकि जैसा मैने पहले कहा इस ऐलबम में कोई नाम नही है लेकिन फिर भी मेरे पास कुछ नाम हैं जो इस ऐलबम से संबन्धित हैं। आज से पहले हो सकता है आपने इस ऐलबम के गीतों को सुना हो लेकिन उन नामों से अनजान हों जिन्होंने इन गीतों को एक पहचान दी हो। यदि आप में से कोई और भी इन नामों को जानता हो और उसे लगे कि कोई नाम छूट गया है तो जरूर बतायें।

म्यर पहाड़ नाम का ये ऐलबम नीचे लिखे लोगों की मेहनत का प्रतिफल है -

गानों के बोल लिखें हैं: दयाल पांडे, शेखर शर्मा, संजू पहाड़ी, दिवेश जोशी
संगीतः दयाल पांडे, शेखर शर्मा, हेम पंत, संजू पहाड़ी, दिवेश जोशी
स्त्री स्वरः कोमल गुप्ता, हिमानी जोशी
पुरूष स्वरः शेखर शर्मा, दयाल पांडे, भुवन गिरी, संजू पहाड़ी, दिवेश जोशी

कोरसः मंजू पांडे, सीमा जोशी, तनुजा अधिकारी, पूजा पांडे, सुनीता कांडपाल, शैलेश त्रिपाठी, सतीश झल्डियाल (या घिल्डियाल), शैलेन्द्र जोशी, अंकित शाह, प्रदीप जोशी, नंदन सिंह, मनोज बिष्ट, हरीश जोशी।

हम तो इनसे यही कहेंगे – ऊ पहाड़ी में कि कुणि, जिया रिया बची रिया, ठुल साहब बण जया और खूब नाम कमाया
(मुझे ठीक से बोलनी नही आती, इसलिये गलत लिखा है तो उसे अनदेखा ना करें सुधारके टिप्पणी में लिख दें)

ऊंचा डाना बटि, बाटा-घाटा बटि,
ऊंचा ढूंगा बटि, सौवा बोटा बटि,

आज ऊंणे छे आवाज,
म्यर पहाड़, म्यर पहाड़।

ऊंचा पहाड़ को देखो, डाना हिमाला को देखो,
और देखि लियो, बदरी-केदार
म्यर पहाड़

यांको ठंडो छू पांणि, नौवा-छैया कि निशानी,
ठंडी-ठंडी चली छे बयार
म्यर पहाड़

जय-जय गंगोतरी, जय-जय यमनोतरी,
जय-जय हो तेरी हरिद्वार
म्यर पहाड़

तुतरी रणसिंहा तू सुण
दमुआ नंगारा तू सुण

आज सुणिलै तू हुड़के की थाप
म्यर पहाड़, म्यर पहाड़

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31 Responses to “पहाड़ी गीतः म्यर पहाड़”

  1. vijay gaur Says:

    सुन्दर कोरस है भाई। सुनवाने के लिए आभार।

  2. दिनेशराय द्विवेदी Says:

    तरुण भाई, बहुत शुक्र गुजार हूँ. आप ने अद्भुत संगीत सुनवा दिया। मैं इसे डाउनलोड करना चाहता था। कैसे होगा? हाँ पूरा एलबम किसी तरह मिल जाए तो और अच्छा है।
    आप ने गीत को यहाँ पूरा दिया है। लेकिन कुछ शब्द वैसे नहीं जैसे गाते समय बोले जाते हैं। ‘दमना नागरा तु सुण। में तो यह नगारा का नागरा हो गया है। एक बार सुन कर इसे दुरुस्त कर दें तो गीत के साथ न्याय होगा।
    एक बार और धन्यवाद इतने नैसर्गिक संगीत के लिए। इतने सुंदर सामुहिक स्वर बहुत दिनों बाद सुने।

  3. समीर लाल Says:

    बहुत आभार जानकारी देने और गीत सुनवाने के लिए.

  4. basant rai (basu baba) u.k. Says:

    thanks—
    bahut badhiya gana hai par download/copy nahi hota
    computer me ispikar bhi nahi laga hai,or load bhi nahi ho pata
    bus chitra dekh kar hi bolta hoon,jai bharat mata
    aise hi sunate raho hum logon ko uttranchal ki gatha
    agar aap mail na bhejte to kahan se itna jan pata
    nirogi rahna hi humko, is liye khayege aarogya aata
    sub ko baba ki taraf se ok tata (namaskaram)rai ji

  5. ghughutibasuti Says:

    वाह आनन्द आ गया और मन बोल उठा, ‘म्यर पहाड़’ !
    घुघूती बासूती

  6. maya bhatt Says:

    thanks lovely song,england mai desh ki yaad!

  7. rakesh chand bhatt Says:

    Aaj kal ke shorgul bhare uttarakhandi albums ke beech me sunaai di thandi bayaar…Mero pahaad…mero pahaad….! [Rakesh Chand Bhatt]

  8. लावण्या Says:

    सुमधुर गीत और मनमोहक तस्वीरेँ देख मन प्रसन्न हुआ तरुण भाई -शुक्रिया जी !
    दीपावली कैसी रही ?

  9. Rajen Says:

    इस गीत की पृष्टभूमि से हमें अवगत कराने के लिए तरुण जी का बहुत बहुत धन्यबाद . मेरे पास यह एल्बम है जिसे मैं घर और सफर में हमेशा अपने साथ रखता हूँ और बार-बार सुनता हूँ, हेम पन्त जी का आभार| शीर्षक गीत अतुलनीय है और अन्य गीत बहुत ही मधुर और कर्णप्रिय. कुल मिला कर यह अल्बम अनमोल है. क्रियेटिव उत्तराखंड की पूरी टीम को धन्यबाद और शुभ कामनाएं|
    राजेन

  10. hem pandey Says:

    पहाड़ के लिए एक और रचनात्मक प्रयास की जानकारी के लिए धन्यवाद | गीत सुनवाने के लिए भी | एल्बम प्राप्त करने का प्रयत्न करूंगा |
    -hem pandey

  11. hem pandey Says:

    पहाड़ के लिए एक और रचनात्मक प्रयास की जानकारी के लिए धन्यवाद | गीत सुनवाने के लिए भी | एल्बम प्राप्त करने का प्रयत्न करूंगा |
    -hem pandey

  12. gurcharan singh Says:

    main uttraanchal se bhut umpress hoon. per koi uttraanchal ki koi history hai .jo ki katyouri sashak se pehli ki hai kyon log nichale illakoon se bhag kar pahharo main chuup gaye aur bahhan ke aadiwasiyo ko mar kar gulam bana liya aur unse gulami karwai baad main wahi log bist ,thakur,negi ,dangwal ban gaye ban gaye.wo log kaun the jo bhag kar pahharon main chuupe the aur bad main badi jaat ke ban gaye. ek saddi pahle wahan ke rajjaon ne chooti jaat wallo ko baddi jaat main aane ka mauka diya the pahle chhotti jatt 70% aur ucchi jat 30% thi. baad main sab ullta ho gaya kayon yaho diffrance ab 30% logo ke galle kkji hhaddi bana hua hai.

    iska jawab kisi ke pass hai to mujhe jarroor batttye
    i m gurcharan singh
    from jalandhar city (punjab )
    mob. no. +919988163683

  13. Balam Singh Bhoj Says:

    Hello,
    This is Balam Singh Bhoj.
    Main Uttaranchal which is now Uttarakhand bahut pyar karta hun.
    main ish prakar ki websites ko thanks kara hun jo Uttarakhand ke calture ki chabi or mahanta ko banaye rakhe hue hain.

    Thanks
    Balam Bhoj
    Delhi , Almora Uttarakhand

  14. govind patni Says:

    bahut sunder geet hai. eise sunane ke liye apka bahut bhut dhanywad. apake dwara bheje gaye geet kaei kaei baar sunane ke baad bhi naye lagate hai aur eis album ke nirmaan mai lage sabhi logo ke bhavishya ke liye subhkamanaye.
    govind patni
    Etv news
    Ramnagar

  15. R@njêêt ºººSoul On Processª Says:

    @Gurucharan Bhai…
    Uttarakhand ki history hai…magar
    :::pahle aap batayein ki aap kahan se padhna chahenge…Vadik kaal(Hrigved) se uss sey pahle se ya PURANO se ya uske baad se…
    ::: Aap ne kaha ki ek sadi (100 yrs) Bhai main aap ko 1901 ki janganna ke aankdey (database) de sakta hoon…”ho sakta hai ki wo aapke paas bhi ho” aap kis aadhar par ye kah rahein hain pahle ye bataiye…
    :::Bhai 30% reservation UTTARAKHAND mein bahut badi samasya nahin hai…ye aap aaj bhi wahan jaakar pata kar sakte hain…

    Bhai aapke kisi kaam aa sakoon toh yaad karna…
    keep smiling… :)

  16. Jyoti Rathore Says:

    सर्वप्रथम आप सभी दगडियों तैं आपका ज्योतिराठौर कु प्यार भरियों नमस्कार, दगडियों, आप लोगों का विचार जाणिक मन तैं जू ख़ुशी होई वैतैं व्यक्त कन तैं मेरी शब्द कोष म शब्द नि छन, अर आपन जू गीत लिखी, स्वरबद करी वै सुणिक जथ्गा तारीफ करियो जाव वू कम छ, यु काम त आपल हमू सि (जू बरसों बटीन येही फिल्ड म काम छाँ कना) भी बडिया करी, वाह क्या बात है “म्येरू पहाड़” अब लगदु कि म्येरू पहाड़, म्येरू कुमाऊ-गढ़वाल कि संस्कृति पर क्वी बुरी नौबत नि ओणियाँ, धन्यवाद दगडियों , आपका ये भाई कि जब भी कोई आवश्यकता होली, जरुर याद करियांन

  17. Tarun Says:

    @दिनेशजी, गल्ती की ओर ध्यान दिलाने के लिये धन्यवाद, उसे दुरूस्त कर दिया है, ड्राफ्ट वर्जन से कॉपी करने की वजह से गलती रह गयी थी। गीत डाउनलोड करने का आप्शन तो है नही, ये एलबम हिमाल कैसेट वालों ने निकाला है।

    @गुरचरण सिंहजी, पहाड़ का इतिहास और सामाजिक परंपरा कोई भारत से जुदा नही है, सिर्फ एक परिवार या घटना से इतिहास ना बनता है ना आंका जा सकता है। उत्तराखंड के इतिहास पर कई किताबें हैं, आपको किसी भी लायब्रेरी मे मिल जायेंगी।

    @रंजीतजी, गुरूचरन सिंह जी की मदद करने के लिये धन्यवाद

  18. kamal Says:

    mast gaan choo daju

  19. nilamber pant Says:

    kumauni best song

  20. Pushp Says:

    Excellent work by creative uttarakhand. Only if all youngsters will respect our culture, Our Devbhumi will continue to prosperous.

    And yes upcoming generation as to remove uchi jaat and neechi jaat. We all are human created by God Almighty.
    Live and let live with love and harmony :-)

    Jai Badi Kedar
    Jai Bharat

  21. Pushp Says:

    Excellent work by creative uttarakhand. Only if all youngsters will respect our culture, Our Devbhumi will continue to prosperous.

    And yes upcoming generation as to remove uchi jaat and neechi jaat. We all are human created by God Almighty.
    Live and let live with love and harmony :-)

    Jai Badi Kedar
    Jai Bharat

  22. Surender Singh Bisht Says:

    Hello How are You My Kumaoni

  23. Surender Singh Bisht Says:

    Hello How are You My Kumaoni

  24. Surender Singh Bisht Says:

    Hello How are You My Kumaoni

  25. Ram Dutt Tiwari-Dubai Says:

    Hi Tarun ji Thanks for post “Happy New Year 2009″

  26. KARTIK ADHIKARI Says:

    the song is really good and music is outstading

  27. Bhagwat singh.rawat Says:

    Hello haiI am Bhagwat singh Rawat from Almora (Diyouna,rikwashi,bhine)
    mai sabhi bhai logo ko pailag karun chhu
    migi ya geed bhote bhal laga”Myar Phar” wastaw mai emi humar phar ka pur cultar aan mai,
    “TARUN BHAI KA PUR UTTRAKHAND SHUKR GUJAR CHHU”
    TARUN BHAI JE HAPPUR NEW YEAR ALL OF FAMILEY

  28. Bhagwat singh.rawat Says:

    Hello haiI am Bhagwat singh Rawat from Almora (Diyouna,rikwashi,bhine)
    mai sabhi bhai logo ko pailag karun chhu
    migi ya geed bhote bhal laga”Myar Phar” wastaw mai emi humar phar ka pur cultar aan mai,
    “TARUN BHAI KA PUR UTTRAKHAND SHUKR GUJAR CHHU”
    TARUN BHAI JE HAPPUR NEW YEAR ALL OF FAMILEY

  29. Thakur Singh Rawat badar pur new delhi Says:

    sab phari bhaiyu ko hamar taraf pai pailagun swikar ho

  30. Lalit Says:

    Good..

  31. Himanshu Kumar Pant Says:

    Relly Myor Pahar….
    Thanks….
    Himanshu Kumar Pant

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।