पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की, लगदी छें तू बड़ा कमाल की, ये गीत गाया है गजेन्द्र राणा ने। लड़की की तारीफ करते हुए उसे छेड़ने के अंदाज में गाया हुआ गीत है, इसलिये संगीत में भी कुछ कुछ वैसा ही असर देखने को मिलता है। पुराने गीतों में लोक संगीत ढूँढने वालों को ये गीत भले ही पसंद ना आये लेकिन आजकल के युवाओं की जबान पर पुष्पा छोरी की चर्चा कुछ उसी तरह से सुनने को मिलेगी जैसे बबली के मोबाईल और उसकी स्माईल की चर्चा

कभी हंसी की तारीफ तो कभी चलने की, उम्र भी कुछ ज्यादा नही है पुष्पा छोरी की क्योंकि गीत में तो सत्रह ही बतायी जा रही है। लड़की की तारीफ कमर की तारीफ किये बिना अधूरी है इसलिये गीत लिखने वाले ने लगे हाथ बता दिया की पुष्पा छोरी की कमर भी कमाल की है और उसकी चोटी (यानि बालों को बनायी गयी चुटिया) भी। जो भी है लेकिन इस पुष्पा की चर्चा पट्टी गांव सभी जगह है।

गीत के बोल थोड़ा चलताऊ किस्म के ही हैं लेकिन संगीत और गायन ने इसे थोड़ा प्रभावशाली बनाया है। अब आप खुद ही ये गीत सुनिये और फैसला कीजिये

(सुनने के लिये प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये)

डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।

काम की अतिव्यवस्ता के चलते पिथौरागढ़ की श्रृंखला को थोड़ा ब्रेक दिया है, लेकिन जल्दी ही उसे आगे फिर से बढ़ाया जायेगा।

...and here is one random article I picked for you:

अल्‍मोड़ा
प्रकृति के मनोहारी द्रश्‍यों से भरपूर उत्तरांचल का एक खुबसूरत जिला अल्‍मोड़ा, सुन्‍दर पहाड़, घने जंगल, खुबसूरत वादियां, साफ सुथरी झीलें, कल-कल करती नदियाँ, पुरातन सांस्‍कृतिक प्रभाव यही सब अल्‍मोड़ा को भारत का स्‍वीटजरलैण्‍ड कहे जाने के लिये विवश करता है। यहाँ से हिमालय का शानदार द्रश्‍य बड़ा ही मनोहारी

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