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पहाड़ी गीतः पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की

पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की, लगदी छें तू बड़ा कमाल की, ये गीत गाया है गजेन्द्र राणा ने। लड़की की तारीफ करते हुए उसे छेड़ने के अंदाज में गाया हुआ गीत है, इसलिये संगीत में भी कुछ कुछ वैसा ही असर देखने को मिलता है। पुराने गीतों में लोक संगीत ढूँढने वालों को ये गीत भले [...]

होली के रंग गीत और मस्ती के संग

वैसे तो होली आने वाली है लेकिन हमने अभी पिछले शनिवार एक बार तो होली मना ही ली है। इस बार पहली बार यहाँ अमेरिका में हमें भी बैठकी होली में बैठकर होली मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बचपन की सारी यादें ताजा हो गयी, थोड़ा अफसोस रहेगा कि खड़ी होली का मजा नही ले [...]

पिथौरागढ़ः एक शहर जो अब भी याद आता है – 2

पिथौरागढ़ का इतिहास पिथौरागढ़ का इतिहास काफी पुराना है, पुराने समय में पिथौरागढ़ प्रसिद्ध राजपूत राजा पृथ्वी राज चौहान की राजधानी था, जिन्हें राय पिथौरा के नाम से भी जाना जाता था। इन्हीं के नाम पर शायद उस स्थान का नाम पिथौरागढ़ पड़ा हो। फिर मुस्लिम आक्रमणकारियों से त्रस्त होकर कुछ लोग जान बचाकर (या [...]

[ More ] March 10th, 2008 | 24 Comments | Posted in इतिहास, कुमाऊँ |

पिथौरागढ़ः एक शहर जो अब भी याद आता है

पिथौरागढ़, यानि प्रकृति की गोद में बसा उत्तरांचल (उत्तराखंड) राज्य का एक बेहद रमणीक शहर, वो शहर जो मिनी काश्मीर के नाम से भी जाना जाता है। लगभग १० वर्ग किमी क्षेत्रफल वाली सोर घाटी में बसा ये शहर, चंडाक, ध्वज, थल केदार और कुंदर पहाड़ियों के मध्य घिरा हुआ है। कैमरे में कैद करने [...]

[ More ] March 3rd, 2008 | 18 Comments | Posted in कुमाऊँ, पर्यटन |