< Browse > Home / व्यक्तिव, साहित्य / Blog article: शैलेश मटियानी :लिखना एक आहट पैदा करना है

| Mobile | RSS

  

शैलेश मटियानी :लिखना एक आहट पैदा करना है

January 23rd, 2008 | 8 Comments | Posted in व्यक्तिव, साहित्य

शैलेश मटियानी को हमारे बीच से गये हुए छह साल पूरे हो चुके हैं। लगता है जैसे कल की बात हो। तमाम संघर्षो तथा दु:श्चिंताओं के बावजूद आखिरी समय तक जैसा कि वे लेखन के बारे में कहा करते थे,” कागज पर खेती” करते रहे। उनकी कहानियों पर टिप्पणी करते हुए राजेंद्र यादव ने स्वीकार किया है कि हम सबके मुकाबले उनके पास अधिक उत्कृष्ट कहानियां हैं। गिरिराज किशोर ने उनकी कहानियों का मूल्यांकन करते हुए उन्हें प्रेमचंद से आगे का लेखक ठहराया है। शैलेश ने न सिर्फ हिंदी के आंचलिक साहित्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया बल्कि हिंदी कहानी को कई यादगार चरित्र भी दिये। उनकी कहानियों का जिक्र आते ही मस्तिष्क में एक साथ कई चरित्र तेजी से घूमने लगते हैं, पद्मावती, इब्बू-मलंग, गोपुली, सावित्री, पोस्टमैन, नैन सिंह सूबेदार, सूबेदारनी, मिरदुला आदि ऐसे चरित्र हैं जो एक बार पाठक के मनोजगत में प्रवेश करने के बाद सदा-सदा के लिए उसकी स्मृति में डेरा जमा लेते हैं।

उनके रचना कर्म पर टिप्पणी करते हुए हंस संपादक ने अपने बहुचर्चित संपादकीय शैलेश मटियानी बनाम शैलेश मटियानी में लिखा था- मटियानी को मैं भारत के उन सर्वश्रेष्ठ कथाकारों के रूप में देखता हूं, जिन्हें विश्व साहित्य में इसलिए चर्चा नहीं मिली कि वे अंग्रेजी से नहीं आ पाए। वे भयानक आस्थावान लेखक हैं और यही आस्था उन्हें टालस्टाय, चेखव और तुर्गनेव जैसी गरिमा देती है। उन्होंने अद्र्धागिनी, दो दु:खों का एक सुख, इब्बू-मलंग, गोपुली-गफुरन, नदी किनारे का गांव, सुहागिनी, पापमुक्ति जैसी कई श्रेष्ठ कहानियां तथा कबूतरखाना, किस्सा नर्मदा बेन गंगू बाई, चिट्ठी रसैन, मुख सरोवर के हंस, छोटे-छोटे पक्षी जैसे उपन्यास तथा लेखक की हैसियत से, बेला हुइ अबेर जैसी विचारात्मक तथा लोक आख्यान से संबद्ध उत्कृष्ट कृतियां हिंदी जगत को दीं। अपने विचारात्मक लेखन में उन्होंने भाषा, साहित्य तथा जीवन के अंत:संबंध के बारे में प्रेरणादायी स्थापनाएं दी हैं।

भारतीय कथा में साहित्य की समाजवादी परंपरा से शैलेश मटियानी के कथा साहित्य का अटूट रिश्ता है। वे दबे-कुचले भूखे नंगों दलितों उपेक्षितों के व्यापक संसार की बड़ी आत्मीयता से अपनी कहानियों में पनाह देते हैं। वे सच्चे अर्थो में भारत के गोर्की थे।

पूरा पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक कीजिये

[ये क्रियेटिव उत्तराखंड के सक्रिय मेम्बर हेम ने टिप्पणी के रूप में भेजा है]

Leave a Reply 4,679 views |
Follow Discussion

8 Responses to “शैलेश मटियानी :लिखना एक आहट पैदा करना है”

  1. rishi mohan Says:

    Shailesh Matiyani hindi sahitya jagat me ek vishesh sthan rakhate hai aur Unhone Renu ke bad aanchlik upanyas ko ek dushara aayam diya

  2. Deepak Pant Says:

    PAHAR carried out a special edition on him. It was devoted to life and literature of great Hindi writer Sailesh Matiyani

    Here is the link to the edition:
    http://www.pahar.org/drupal/node/376

  3. Hem Pant Says:

    I have read the “Pahar” book on Shailesh Matiyani ji… ” Shailesh Matiyani ke Maayne”… That’s a good book (like every Pahar creation) to know all about Matiyani ji…

  4. Hem Pant Says:

    Deepak ji ke dwara batayi gayi book ka naam ” Shailesh Matiyani ke Maayane” hai… That’s a good book (like every Pahar creation) to know all about Matiyani ji…

  5. parashar Says:

    Tarun

    shaileshji ke perti jo baat appnei lekhi or jin ka aapne undarharna diya hai ye o log hai jinohani shailesh ji ko agye nahi anedya… shalsh ji ne kabhi bhi kesi ke paun nahi chuee nahi CHATUKRETA ki
    buss islee to o pechee rahe gayee… Ye sab so apne aap ko bahut bada shityaker kahetai hai onke agye BONYE hai .. apne Ghber rahat ko chepani ka iss se bad abser kya hoskta hai inko…

    sab bekar ki baat hai .
    kaaassh o bhi unki traha CHATUKAAR ho jate to aaj Shaitya ki prushakaroo ki chadee lag gaye hote…

    parashar

  6. Madan Mohan Joshi Says:

    Shelesh Ji
    ko Pahar kabhi Bhula nahi payega. unke Gopuli Gafuran ko Delhi main harhe huae main 9th class main pada tha. Main Delhi Public Library ka Member tha aur wahi se pahar ke kai lekho ko jaan paya tha.
    Kiya Uttaranchal Sarkar ek libraray public ke liye Barechinna ya Almora main khol sakti hai Jo shelesh Daa ke liye Sacchi Sardanjali hogi.

  7. Madan Mohan Joshi Says:

    Respected Sir,
    If Possible Plese download stories of Shailesh Matiyani ji’s in this site.

    Thanx

  8. Madan Mohan Joshi"shelshikher" Says:

    Matiyani Ji is the Proud of Dev BHoomi, He belong to Barechinna of Almora but there is not anything in the Hon’ble Memories of Shri Matiyani Ji, Matiyani Ji was famous wirter not only India but also whole the world, but its very sadfact that in uttaranchal thre is not any memories of The Great man in Barechinna, In this plateform I urge Uttaranchal Goverment Please do something for Great Matiyani Ji.

    Reqards,

    Madan Mohan Joshi”Shel Shikher”

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।