< Browse > Home / pahari cuisine (Recipes) / Blog article: पहाड़ी खानाः भट्ट की चुड़कानी

| Mobile | RSS

  

पहाड़ी खानाः भट्ट की चुड़कानी

January 29th, 2008 | 23 Comments | Posted in pahari cuisine (Recipes)

जितनी खुबसूरत उत्तरांचल की पहाड़ियाँ है उतना ही स्वादिष्ट होता है पहाड़ी खाना। आज पहाड़ी खाना में हम आप को भट्ट की चुड़कानी की रेसिपी बताते हैं। भट्ट का नाम आपने अगर पहली बार सुना है तो आपको बता दें कि इसे ब्लैक बीन भी कहते हैं। मुझे भट्ट से बनी तीन रेसिपी का पता है आज पहली दो चीजें आपको बताते हैं, पहले बात करते हैं चुड़कानी की। bhatt

भट्ट की चुड़कानी बनाने के लिये आपको चाहिये (Ingredients):

  • भट्ट (Black Bean): 1 कप (पहाड़ी भट्ट मिलें तो क्या कहने, ये ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं)
  • कटा हुआ प्याज: 1 मीडियम साईज का
  • साबुत जीरा: 1/2 चाय का चम्मच
  • हल्दी पाउडर: 1/4 चाय का चम्मच
  • धनिया पाउडर: 1 चाय का चम्मच
  • जीरा पाउडर: 1 चाय का चम्मच
  • चावल का आटा: 2 टेबल स्पून (चावल को अच्छी तरह पीस के भी ट्राई कर सकते हैं)
  • मिर्ची पाउडर: 1/2 चाय का चम्मच (साबुत लाल मिर्चा हो तो ज्यादा अच्छा, २ या ३) ये आप्शनल है
  • तेल: 2 टेबल स्पून
  • नमक स्वाद अनुसार
  • पानी: 4 या 5 कप
  • बनाने की विधि (तरीका):

    1. भट्ट को एक रात के लिये पानी में भीगा कर रख दें

    2. अब बनाने के लिये, कडा़ही में (लोहे की हो तो ज्यादा स्वाद आता है) तेल गर्म करें, गर्म होने पर इसमें साबूत जीरा डालकर भूने। जीरा जब हल्का भूरे रंग का दिखने लगे तो इसमें अब कटा हुआ प्याज डाल दें। प्याज को हल्का गुलाबी होने तक फ्राई करें। अब अगर आप मिर्चा चाहते हैं तो, साबूत मिर्चा को डाल कर हल्का फ्राई कर लें।

    3. अब भीगे हुए भट्ट को कड़ाही में डाल लें, सिर्फ भट्ट डालें पानी को रहने दें। कुछ देर के फ्राई कर लें।

    4. अब एक दूसरे बर्तन में चावल का आटा फ्राई कर लें, जब ये अच्छे से भुन जाये तो इसे कड़ाही में डाल दें।

    5. इसमें अब हल्दी, जीरा, धनिया और नमक (अगर पाउडर वाली मिर्चा चाहते हैं तो वो इस समय मिलायें) मिला दें, कुछ सैकंड के लिये भुन लें।

    6. अंत में इसमें पानी मिला लें और ऊँची आँच (high flame) में ढककर पकायें (भाप देकर भी पका सकते हैं)। bhatt तब तक पकायें जब तक भट्ट मुलायम नही हो जाते और करी थोड़ा गाड़ी नही हो जाती (लगभग 25-30 मिनट)। पकने पर भट्ट की चुड़कानी का रंग गहरा हरा लिये हुए काला (dark greenish black) आता है (अगर आप लोहे की कड़ाही उपयोग में लाते हैं तभी इस रंग को देखेंगे) अन्यथा इसका रंग काले की तरफ ज्यादा होगा।

    बस अब चावल के साथ गरम गरम परोसें।

    चलते चलते भट्ट की एक Quick snack वाली रेसिपी बताते चलते हैं, एक मुठ्ठी सूखे हुए भट्ट को (यानि इसके लिये भिगाने की जरूरत नही है, एक मुठठी से ज्यादा भी कर सकते हैं), तवे में या कड़ाही में भूने और भुने हुए भट्ट को स्नैक की तरह खायें। कुरमुरे भट्ट जहाँ चबा के खाने में स्वाद देंगे वहीं स्वास्थ्य के लिये पौष्टिक भी होंगे। भट्ट चबाने से मुँह की मांसपेशिया भी पुष्ठ होंगी। पसंद आने में ऐसे ही भुन कर खाते रहें।

    Leave a Reply 19,700 views |
    • No Related Post
    Follow Discussion

    23 Responses to “पहाड़ी खानाः भट्ट की चुड़कानी”

    1. mamta Says:

      आज तो कुछ नया ही देखने को यहां मिल रहा है।

      आपकी रेसिपी पसंद आई।

      क्या आप इन्हें बनाते है। :)

    2. dr parveen chopra Says:

      तरूण जी, कभी खिलवाओ तो बात बने। हां, उस दिन कमेंटंस माडरेशन एवं संबंधित जानकारी बेहद अच्छे ढंग से समझाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। अब इस प्रकार का कोई संशय बिल्कुल नहीं रहा।

    3. anuradha srivastav Says:

      वाह अब तो बनाना ही पडेगा।

    4. RA Says:

      WOWWW!!!
      धन्यवाद तरुण । हमारे घर में यह हफ़्ते में एक बार तो यह बनती ही है ।जन्बू से छौंक लगी चुड़कानी : ख़्याल से भी भूख लग गयी है।
      कभी ’रस’ बनानें की विधि भी लिखी जाय |

    5. manish Says:

      क्या गुरू? – पांडे जी ने मूली सानी – तुमने चुड़कानी ? कल हमने पालक का कापा चेपा (ब्लॉग में नहीं पेट में) बिस्वार सहित – मनीष

    6. sanjupahari Says:

      Arey guru,,kyaa karte hoo….abhi pet bhar ke khana khaya…tumne fir se bhook laga dee,,,abhi kab invite kar rahe hoo fir CHUDKANI ke liye…kaas ye methos aap blog ki jagah ghar main aake ya bulake sikhaate ,,,chaloo hum INTZAAR karenge,,

    7. sanjupahari Says:

      ohhoo maharaaj bhuni bhatt waal section chut pado…waah waah mauz aigo guru..>>

    8. Tarun Says:

      @ममता, जी हाँ अक्सर बनाते हैं और स्वाद ले लेकर खाते हैं :)

      @प्रवीण जी, मेहनत का फल हमेशा स्वादिष्ट होता है रेसीपी मैने बता दी अब अगर आप खुद बनाकर खायेंगे तो ज्यादा स्वाद आयेगा।

      @अनुराधा, बना ही डालिये इस वीकेंड पर

      @आरए, बात तो सही कही आपने, हमारे यहाँ भी अक्सर बनती है। जम्बू का तड़का तो जिसमें भी लगा दो स्वाद दुगना कर देता है, रस का नंबर भी आयेगा। इस बार होली पार्टी में एक पहाड़ी खाना भी हो जाये।

      @मनीष दाज्यू, अकेले अकेले चेपे जा रहे हो, अच्छी बात नही वो भी विस्वार डला। कोई बात नही अब अगली बार हम पालक का कापा ही चेपेंगे, पेट में भी और ब्लोग में भी।

      @संजू, कभी भी आ जाओ जब आओगे तब तो बनाना ही पड़ेगा ना। कभी इस तरफ आओ तो बता देना तुम्हे पहाड़ी खाना खिला ही देंगे।

    9. dinesh Says:

      haan hum bhi banate hain.

    10. pankaj singh mahar Says:

      ओहो………….तार दा,

      गजब रौनक आ गई ठेरी हो भट्ट की चुड़्काणी देख भेर, खाप में पानी आ गया हो महाराज……..आहा..लुवा की भदेली में त और ले बढ़िया होती है।

      बहुतै निक काम करनोछा हो तरुण दा……पहाड़ी में कहो तो तारदा।

    11. ghughutibasuti Says:

      तरुण , सच में मैंने अपने पहाड़ के अलावा कहीं भट्ट नहीं देखे । माँ के घर तभी बनते थे जब कोई पहाड़ से लाकर देता था । पर यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि इतने सारे कुमाऊँनी, उत्तराखंडी ब्लॉगि्ग में हैं । मनीष जी क्या ये अपने गीतों वाले हैं ? जम्बू को तो सूँघे भी सदियाँ बीत गईं ।
      घुघूती बासूती

    12. Tarun Says:

      @दिनेश, शुक्रिया

      @पनदा, बिल्कुल सही कहने वाले हुए कहा तुम। हमने भी सही कहा ना, पनदा ही कहना हुआ तुम्हे पहाड़ी में :)

      @घुघूती जी, ये मनीष हमारे हरी मिर्ची वाले हैं :)

    13. अजित वडनेरकर Says:

      भट्ट की चुड़कानी । वाह क्या बात है। खाना बनाने का शौक तो हम भी रखते हैं । कमबख्त शब्दों के सफर पर न निकले होते तो अब तक ज़ायके का सफ़र जैसा ब्लाग शुरु कर चुके होते ।
      ये बताइयें कि भट्ट का राजमा परिवार का बीज है ? हरिद्वार से मंगवाते हैं। यहां भोपाल में तो शायद ही मिले । इसके कुछ और प्रचलित नामों का उल्लेख करें, शायद मिल जाए।

    14. Ritu Says:

      चलो एक और नई पहाड़ी रेसिपी का पता चल गया. जिस तरह कुमाऊ में ‘भट्ट की चुकरानी’ बनती हैं. हमारे यहाँ गढ़वाल में भट्ट की ‘भटौनी’ बनती हैं और वो भी बड़ी स्वादिष्ट होती हैं. फरक इतना हैं की हमारे यहाँ भट्ट को पहले भुनकर उसका पाउडर बना दिया जाता हैं फ़िर आप जब चाहे उससे ‘भटौनी’ बनाकर उसका स्वाद चावल के साथ लीजिये गरमगरम .
      रीतू

    15. Ritu Says:

      चलो एक और नई पहाड़ी रेसिपी का पता चल गया. जिस तरह कुमाऊ में ‘भट्ट की चुडकानी’ बनती हैं. हमारे यहाँ गढ़वाल में भट्ट की ‘भटौनी’ बनती हैं और वो भी बड़ी स्वादिष्ट होती हैं. फरक इतना हैं की हमारे यहाँ भट्ट को पहले भुनकर उसका पाउडर बना दिया जाता हैं फ़िर आप जब चाहे उससे ‘भटौनी’ बनाकर उसका स्वाद चावल के साथ लीजिये गरमगरम .
      रीतू

    16. radha Says:

      vah!!!!
      hum log bhi bhatt ki chudkyani aur bhatt ke dubbuk bhi banate hai

    17. meenu rawat Says:

      hi varun

      yAAR batt ki cuttkani to mai bhi banti hu par, aaj tumshe esye banane ka ek nay tareeka pata chla es baar agar ghar mai banegi to tumhare bataye huye tarike se hi banugi

    18. manish rawat Says:

      ha ji
      abhi to Internat par hi bhatt ki chukrani khai
      jab ap hmare gaw mai jaogi to ap kdae bhi kha jaoge
      don’t minde its jook

    19. Rajen Says:

      भट्ट की चुड़कानी के एक तुम्हीं दीवाने नहीं ‘राजेन’
      सुनते हैं और भी हैं…तुमसे बड़े……
      —-
      और डगन लग गयी है महाराज … आज तो खानी ही खानी है
      धन्यबाद
      राजेन..

    20. Jagga Kandpal Says:

      Ghar Jaber Khun Tal Bkai Ke Layi Jhaa Ke Jhoai
      Tab Hum Pahare Hun Sab Pahar Baiy Doai
      Bubu k Barai Ghutaike Daaw Aam Ke Bare Layee Saag
      Tab To hum Hun Ka k Laik ,
      Aam Bubu Ke Jai Ho Tab To u Humer Pahar Rai Ho

    21. Jagga Kandpal Says:

      Ghar Jaber Khun Tal Bkai Ke Layi Jhaa Ke Jhoai
      Tab Hum Pahare Hun Sab Pahar Baiy Doai
      Bubu k Barai Ghutaike Daaw Aam Ke Bare Layee Saag
      Tab To hum Hun Ka k Laik ,
      Aam Bubu Ke Jai Ho Tab To u Humer Pahar Rai Ho

      Aaj Kal Na Bheter Sain Chhu Na Goat Bhas
      Daiye Main Baithi Chhu Maish

    22. khusahl.rawat Says:

      Bhatt. kala ya safed.
      Paili mil samaj yi kai bhattji ki baat kana chan.
      wah kya dish banayee
      dhanyabad

    23. yogesh mehra Says:

      pahari cuisine ki marketing bhi karo bhai

    बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

    टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।