इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में गाया ये गीत। खुबसूरत बोलों से सुज्जित ये गीत लडकी की तारीफ में गाया हुआ गीत है, ये गीत आडियो एलबम पैलि पैलि प्यार से लिया गया है। शुरू की लाईनें कुछ इस तरह से है -

सुरम्याला आंख तेरा घुंघराला बाल
गोरी मुखडी जैसी हिरनी सी चाल
मन मा बसे गे आज मेरी

तुही मेरी माया छा तुही मेरी आस
तू छे म्यार दिल की आनी जानी सांस

भावार्थ कुछ इस तरह से हैः काजल जैसी तेरी आंखे हैं, घुंघराले बाल और गोरा चेहरा है, तेरी चाल हिरनी की तरह है, आज तू मेरे दिल में बस गयी है। तू ही मेरी माया और तू ही मेरी आशा भी है और तू ही मेरी सीने में धडकने के लिये आने जाने वाली सांस भी है। बाकि आप गीत सुनके जानिये।

(प्ले के साईन पर डबल क्लिक कीजिये)  
डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।

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कुमांऊनी होली - संगीत और रंगों का त्‍यौहार
फाल्‍गुन के महीने होली का आना अक्‍सर मुझे ले जाता है बहुत पीछे बचपन की उन गलियों में, जहाँ न कोई चिन्‍ता थी और ना ही नौकरी का टेंशन सिर्फ मस्‍ती और हुड़दंग। अपने जीवन की अधिकतर मस्‍त होली मैंने अपने बचपन में ही मनायी और वो भी अपने ‘नेटीव

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