इस बार आपको सुना रहे हैं गढ‌वाली बोली में नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा गाया ये प्रसिद्ध गीत। जिसमें कि गायक घुघुती नाम की चिडिया की आवाज को सुन के, अपने मैत यानि कि मायका (घर) की याद को ताजा कर रहा है। शुरूआत के बोलों के भाव कुछ इस तरह से है कि मेरे घर की घुघुती गाने लगी है इसका मतलब है कि अब चैत रितु आ गयी है। फिर चैत रितु में क्या क्या हो रहा होगा यही कुछ याद कर रहा है।

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डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।

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पिथौरागढ़ः एक शहर जो अब भी याद आता है - 3
पिछले अंक - भाग १, भाग २ पिथौरागढ़ के मौसम को चार हिस्सों में बाँटा जा सकता है - दिसम्बर से मार्च तक जाडा़, अप्रैल से जून तक गर्मी, जुलाई से सितम्बर तक मानसून यानि बरसात और सितम्बर से नवम्बर जिसे कई जगह पतझड़ भी कहा जाता है। इसी दौरान शुरू

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