लोकगीत: बेडु पाको बारो मासा
Posted by on December 15, 2006
‘बेडु पाको बारो मासा’ ये आपने अवश्य ही सुना होगा आमिर खान द्धारा अभिनीत, प्रसून जोशी द्धारा रचित कोका कोला के विज्ञापन में, आज कुमाँऊ का ये लोकगीत आपके पेशे खिदमत है। अगर आपने राजश्री की फिल्म विवाह देखी होगी तो इस गीत के पहली लाईन की ट्यून पर जरूर गौर किया होगा। ये गीत गोपाल बाबू गोस्वामी की मधुर आवाज में है। इस गीत के अंतरे में कुछ भी जोड सकते हैं, पहले गीत को पढिये फिर सुनिये खुद ही पता चल जायेगा।
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरणी काफल पाको चैत मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २ (कोरस)
भुण भुण दीन आयो -२ नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
आप खांछे पन सुपारी -२, नरण मैं भि लूँ छ बीडी मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
अल्मोडा की नंदा देवी, नरण फुल छदुनी पात मेरी छैला
बेडु पाको बातो मासा -२
त्यार खुटा मा कांटो बुड्या, नरणा मेरी खुटी पीडा मेरी छैला
बेडु पाको बातो मासा -२
अल्मोडा को लल्ल बजार, नरणा लल्ल मटा की सीढी मेरी छैला
बेडु पाको बातो मासा -२
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डिस्क्लेमर:उत्तरांचल में पोस्ट होने और बजने वाले गीत सिर्फ कुमाँऊ और गढवाल के संगीत को बढावा देने के लिये विज्ञापन मात्र ही हैं, ये कहीं से भी असली सीडी और कैसेट का विकल्प नही है। पसंद आने पर कृप्या असली कैसेट और सीडी ही खरीदें।
















