< Browse > Home /

| Mobile | RSS

बालीवुड के गीत पर हालीवुड की थिरकन

ब्रिटेन/अमेरिका का रियल्टी शो “So you think you can dance” आप देख रहे हों और उसमें एक हिंदी गाना “धूम ताना” (ओम शांति ओम) बजने लगे और इस धुन पर थिरक रहे हों विदेशी कदम तो कैसा लगेगा। अगर कहूँ जबरदस्त लगेगा तो, इसे देख शायद शाहरूख को थोड़ा डांस सीखने की जरूरत ही आ [...]

कबीरा खड़ा बाजार में: कबीर दास और उनके दोहे

ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर कहने वाले कबीर दास जैसा व्यक्तित्व शायद ही किसी और हिन्दी साहित्यकार का होगा। स्कूल के वक्त भी वो कबीर और उनके दोहे ही थे जो आसानी से समझ में आते थे। उनका व्यक्तित्व अनुपम तो था ही लेकिन उनके जन्म को लेकर कई किंवदन्तियाँ भी प्रचलित [...]

[ More ] March 11th, 2008 | 18 Comments | Posted in हिन्दी साहित्य |

हट जा ताऊ पाछे णे

हो सकता है आप कुछ और कहते हो लेकिन हम तो ताऊ ही कहते हैं और यही कहेंगे भोत हो लिया ताऊ, बहुत चला ली अपणी, अब तू निकल ले पाछेणे और हमें स्टेज संभालने दे। ये गीत सबसे पहले अभी कुछ दिनों पहले एक पार्टी में सुना था और आज कुछ ढूँढते हुए हमें [...]

[ More ] March 2nd, 2008 | 8 Comments | Posted in विडियो |

विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी – 3

वो सॉरी बोल रहा है। याद आया कुछ, अगर नही तो इस बार पेश है एक बहुत ही प्यारी क्लिपिंग। साथ में है सरप्राइज जिसे शायद बहुत कम ही जानते होंगे, मुझे भी नही पता था। अच्छा कोकाकोला, पेप्सी और थम्सअप के अलावा कौन सा ड्रिंक आपको याद है, दिमाग पर जोर डालिये क्या पता [...]

[ More ] January 22nd, 2008 | 2 Comments | Posted in जरा हट के, विडियो |

विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी – 2

अपना देश अनेकता में एकता का बड़ा अच्छा उदाहरण है, अनेकता में एकता की बात करें तो याद आता है एक-अनेक वाला विडियो इसके बाद कुछ और कहने की जरूरत ही नही है। और अगर आपको जंगल में चड्डी पहन कर खिले हुए फूल को देखे जमाना हो गया है तो आज वो भी देख [...]

[ More ] January 21st, 2008 | 5 Comments | Posted in जरा हट के, विडियो |

विडियो श्रृंखलाः वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी

आज से हम शुरू कर रहे हैं एक विडियो श्रृंखला जिसमें टेलिविजन की दुनिया में दिखाये गये कुछ सीरियलों और विज्ञापनों के अंश दिखायेंगे। ये वो सीरियल हैं जो वक्त में खत्म हुआ करते थे जिनकी कहानियों में अंत होता था ना कि आजकल के कभी ना खत्म होने वाली बकवास भरे सीरियल। ये वो [...]

[ More ] January 17th, 2008 | 4 Comments | Posted in जरा हट के, विडियो |