Archive for rahul-gandhi
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मुझे याद नही पड़ता ये किस ने कहा है शायद तुलसीदास या शायद कोई और दास, खैर शेक्सपियर की मानें तो नाम में क्या रखा है सीधे मुद्दे पर आते हैं।
जाहिर सी बात है, पढ कर तो यही लगता है कि हरि के लिये ही कहा होगा आज तक सभी यही बताते भी [...]