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रस्सी जल गयी पर बल नही गया

पाकिस्तान के ऊपर ये कहावत बिल्कुल ठीक बैठती है, हाल ही में आयी बाढ़ ने पाकिस्तान के एक हिस्से का जन-जीवन तहस नहस कर दिया है। तकदीर के मारे उन लोगों को पाकिस्तान सरकार उतनी तेजी से जरूरत के हिसाब से राहत मुहया नही करा पा रही है, इसके बाद भी उस देश के हुकुमरानों [...]

चंदन विष व्यापत नही, लिपटे रहत भुजंग

एक शक्की आदमी था, हर वक्त भ्रमित रहता, लटकती रस्सी को साँप समझकर हमेशा डरा रहता। उसी दुनिया में एक दूसरा आदमी भी था जो आज भी यही समझता था कि कोई अगर तुम्हारे एक गाल में थप्पड़ मारे तो उसके आगे दूसरा गाल कर दो। मैंने आज के दिन दो अलग अलग अलग खबरें [...]

[ More ] August 18th, 2010 | 5 Comments | Posted in खालीपीली |

दो नावों पर सवार, हर पल पड़ती मार

क्या मुझे बताना चाहिये कि यहाँ बात किस के संदर्भ में की जा रही है? शायद ये ही बेहतर रहेगा, मैं पाकिस्तान की बात कर रहा हूँ। अब आप ही देखिये ६० साल के इतिहास में २७ साल डेमोक्रेसी की सरकार चली और ३३ साल मिलेटरी का शासन, हुई ना दो नावों में सवारी। वैसे [...]

नच बलियेः नचा नचा के दुनिया हिला दे

कहीं आप ये तो नही सोच रहे कि मैं किसी देसी टेलिविजन में आने वाले किसी डांस कार्यक्रम का जिक्र कर रहा हूँ। अगर ऐसा है तो आप गलत सोच रहे हैं। मैं बात कर रहा हूँ उस शख्स की जिसने पहले भारत के राजनेताओं को नचाया था, अपनी कूटनीटि (या धूर्त राजनीति) से, मैं [...]