< Browse > Home /

| Mobile | RSS

हरि अनंत हरि कथा अनंता

मुझे याद नही पड़ता ये किस ने कहा है शायद तुलसीदास या शायद कोई और दास, खैर शेक्सपियर की मानें तो नाम में क्या रखा है सीधे मुद्दे पर आते हैं। जाहिर सी बात है, पढ कर तो यही लगता है कि हरि के लिये ही कहा होगा आज तक सभी यही बताते भी आये [...]

[ More ] April 17th, 2007 | 13 Comments | Posted in खालीपीली |

दम तोडती कहानियाँ

जी हाँ, आपने बिल्कुल सही पढा है – कहानियाँ भी दम तोडती हैं। लेकिन यहाँ मैं अपनी उस कहानी की बात नही कर रहा हूँ जो शुरू तो जोरशोर से की थी लेकिन जिसके अंत का अभी पता नही क्योंकि उसका तयशुदा अंत लापता है, मिल नही रहा। और ना ही बुनो कहानी की उन [...]

[ More ] February 10th, 2007 | 6 Comments | Posted in बस यूँ ही |