Archive for hindi
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हर तरफ फैला उजाला, हर कली खिलने लगी
आई सूरज की किरण, रात घर चलने लगी।
पंछी जो सब चुप थे अब तक, सहसा चहचहाने लगे
कहीं शोर बच्चों का है तो, कहीं गीत बजने लगे।
अब भी कुछ ऐसी जगह हैं, जहाँ रहता हरदम अंधेरा
गोलियों के शोर के बीच, सिसकियाँ लेता सवेरा।
पंछी वहाँ मिलते नही हैं, बचपन बच्चों [...]
मैं नही जानता इसे लघु कथा कहनी चाहिये या नही लेकिन ये बहुत कुछ सिखाती है। मुझे एक ई-मेल में ये प्राप्त हुई जिसे मैंने अंग्रेजी से अनुवाद करके यहाँ पोस्ट कर दिया, साथ ही इसे ये टाईटिल भी दे दिया।
एक अंधी लड़की थी जो अपने से इसलिये घृणा करती थी क्योंकि वो अंधी थी। [...]