Archive for gazal
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कुछ समय पहले ये लिखा था, इस कलाम की कहानी कुछ वैसी ही है जैसी ‘तिल बना रहे थे, स्याही फैल गयी’ की। मुलाहयजा फरमायें -
शेर तुम, गजल तुम, गीत और कविता भी तुम
चंद शब्द चुनके लाया था, जाने कहाँ वो हो गये गुम।
कोई आंखों पे गुनगुनाता है, कोई मंदिर में जा सुनाता है
‘तरूण’ ये [...]
गीत और संगीत में आज दो ऐसे गीत पेश हैं जो हैं तो जगजीत सिंह के एलबम से लेकिन जिसे उन्होंने नही बल्कि एक बच्ची सिजा रॉय ने गाया है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे भावविभोर कर देने वाले ये गीत पसंद ना आयें।
1995 में जगजीत सिंह का एक एलबम आया था जिसका टाईटिल [...]