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फिल्म समीक्षाः तारे जमीन पर

इस तरह की फिल्में सालों में कभी बनती हैं और जब भी बने तो उन्हें थियेटर में ही देखना चाहिये। तारे जमीन पर भी ऐसी ही बनी एक खूबसूरत फिल्म है। तारे जमीन पर को हिन्दी फिल्मी दुनिया की लाइफ इस ब्यूटीफूल कहूँ तो शायद कोई अतिश्योक्ति नही होगी। हर कोई व्यक्ति जिसको बच्चों से [...]

[ More ] December 23rd, 2007 | 10 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः मनोरमा और जॉनी गद्दार

मनोरमा, सिक्स फीट अंडर और जॉनी गद्दार ये दोनों फिल्में अगर हालीवुड में बनी होती तो काफी अच्छा व्यवसाय करती और तारीफें भी बटोरती। इन दोनों फिल्मों का पिटना (जी हाँ मैं यही कहूँगा) इस बात का परिचायक है कि भारतीय दर्शक अभी बौद्धिक रूप से ज्यादा विकसित नही हुए हैं। अभी भी इन्हें उलूल-जूलूल [...]

[ More ] November 21st, 2007 | 5 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः एकलव्य और दो बोनस

फिल्म की लम्बाई की तरह ही छोटी समीक्षा की जायेगी, लेकिन जितनी बढिया फिल्म है शायद उतनी बढिया समीक्षा ना हो पाये। विदु विनोद चोपडा की अभी तक मैने सारी फिल्म देखीं हैं और आज ही एकलव्य भी देख कर आये। उन्होने इस फिल्म के साथ भी अपना ट्रैक रिकार्ड बरकरार रखा है जिसका मतलब [...]

[ More ] February 19th, 2007 | 3 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

लगे रहो मुन्नाभाईः एकदम मस्त

बंदे में था दम – वंदे मातरम्, अब ये बंदा कौन है ये जानने के लिये तो आपको मुन्नाभाई से मिलने जाना पड‌ेगा क्योंकि मैं तो आपको बताने से रहा। ३ साल बाद एक बार फिर मुन्नाभाई अपने जिगरी सर्किट के साथ आपका मनोरंजन करने आ पहुँचे हैं। लगे रहो मुन्नाभाई एक बहुत ही मस्त [...]

रंग दे बसंती

अगर आप सोचते हैं कि रंग दे बसंती एक देश भक्‍ति की फिल्‍म है तो आप गलत सोचते हैं, और अगर आप सोचते हैं कि रंग दे बसंती एक देश भक्‍ति की फिल्‍म नहीं है तो भी आप गलत सोचते हैं। क्‍यों खा गये ना गच्‍चा, यही इस फिल्‍म की तारीफ है कि फिल्‍म खत्‍म [...]

[ More ] January 28th, 2006 | 3 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

द राइजिंगः Ballad of Mangal Pandey

द राइज़िंग एक गंभीर सिनेमाई प्रयास है। यह राइजिंग सिर्फ एक सिपाही मंगल पांडे के बारे में नही बल्‍िक पूरे आवाम की जागृति के बारे में है। एक बहुत ही अच्‍छा सामुहिक प्रयास है, सभी क्षेत्रों में अच्‍छा काम किया गया है चाहे हो एक्‍टिंग हो, या हिमान धमिजा कि सिनेमेटोग्राफी, और या रहमान संगीत [...]

[ More ] August 14th, 2005 | Comments Off | Posted in फिल्म समीक्षा |