Archive for film-reviews
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इस तरह की फिल्में सालों में कभी बनती हैं और जब भी बने तो उन्हें थियेटर में ही देखना चाहिये। तारे जमीन पर भी ऐसी ही बनी एक खूबसूरत फिल्म है। तारे जमीन पर को हिन्दी फिल्मी दुनिया की लाइफ इस ब्यूटीफूल कहूँ तो शायद कोई अतिश्योक्ति नही होगी।
हर कोई व्यक्ति जिसको बच्चों से [...]
मनोरमा, सिक्स फीट अंडर और जॉनी गद्दार ये दोनों फिल्में अगर हालीवुड में बनी होती तो काफी अच्छा व्यवसाय करती और तारीफें भी बटोरती। इन दोनों फिल्मों का पिटना (जी हाँ मैं यही कहूँगा) इस बात का परिचायक है कि भारतीय दर्शक अभी बौद्धिक रूप से ज्यादा विकसित नही हुए हैं। अभी भी इन्हें उलूल-जूलूल [...]