Archive for chitthajagat
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बहुत दिनों से सोच रहा था कि इन दोनों को आमने सामने रख के तोलूँ, अब आप पूछोगे कितने दिनों से? तो जनाब उन दिनों से जब चिट्ठाजगत का स्वरूप धारावी (मुम्बई की मशहूर झोपड़पट्टी) जैसा हो गया था। लेकिन हर वक्त कंप्यूटर खोलते ही भूल जाता था।
पिछले कई हफ्तों से मैने नोट किया है [...]
आजकल हिन्दी चिट्ठा संसार में 3-4 एग्रीगेटर हो गये हैं, अगर ये आपको अभी भी कम लग रहे हैं तो मेरी अगली पोस्ट देखना मत भूलियेगा जिसमें मैं आपको बताऊँगा कि आप अपना खुद का एग्रीगेटर कैसे बना सकते हैं। हाँ तो मैं बात कर रहा था हिंदी एग्रीगेटर की। इनमें से एक है चिट्ठाजगत, [...]