Archive for मेरी नजर मेरे विचार
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सराय के बारे में सबसे पहले मैने नीलिमा की किसी एक शुरूआती पोस्ट में पढ़ा था जो जिसमें बताया था सराय रिसर्च करवाती थी और कुछ पैसे भी देती थी। उसके बाद कुछ दिनों पहले अविनाश ने जब सराय में किसी ब्लोगरस भेंटवार्ता के संबन्ध में लिखा था तब शायद दूसरी बार सुना लेकिन तब [...]
कभी कभी ये मेरे दिल में ख्याल आता है कि काश हम या हमारे कोई मित्र मीडिया में होते। लाल रंग देखते ही जिस तरह किसी सांड में एनर्जी का उबाल आता है कुछ कुछ वैसा ही उबाल कभी कभी हमारे दिल में आता है जब भी ये किसी हिन्दी चिट्ठाजगत की खबर पर उछलते [...]