Archive for तमीज

You are browsing the archives of तमीज.

वार्तालाप

चुंबन लो, पैसे दो पढ़ने के बाद हाल की एक घटना याद आ गई। न्यूयार्क पेन स्टेशन के बाहर बाल खिचड़ी, महिनों से बगैर नहाये, बेकार कपड़े पहना एक बेघर व्यक्ति खड़ा था। हम आफिस जाने के लिये ट्रेन स्टेशन से बाहर निकल वहाँ पहुँचे ही थे। तभी देखते हैं, दो पुलिस वाले उस आदमी [...]