Archive for अल्लाह

You are browsing the archives of अल्लाह.

जिस रोज मुझे भगवान मिले: अंतिम भाग

अब तक आप ने पढ़ा भाग १
नेताओं की तरह तुरंत पाला बदलते हुए अपना आत्म सम्मान, अपना दिल-दिमाग सब कुछ अपनी जेब में रख हाथ जोड़ के हम बोल पड़े, “बस भगवन बस सब समझ गया। लेकिन शक का इलाज तो किसी वैध के पास है नही मन अभी भी शक कर रहा था कि [...]

जिस रोज मुझे भगवान मिले: अंतिम भाग

अब तक आपने पढ़ाः भाग-१, भाग-२
थोड़ा साहस दिखा मैं फिर से शुरू हुआ, एक बात बताओ भगवन, मस्जिद में औरतों और आदमियों के लिये अलग-अलग स्थान क्यों, उनके लिये समान नियम क्यों नही। अब ये तो उन्ही से पूछो जिसने मस्जिद बनाई मेरा काम तो सिर्फ आदमी बनाना (जन्म देना) और मिटाना (मारना) है, भगवन [...]