Archive for अनुगूँज

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एक पाती प्रीटी वूमेन के नाम

10 वीं अनुगूँज का विषय रखा गया - “एक पाती ‘…’ के नाम”। अब पाती लिखे तो हमें जमाना बीत गया, ऊपर से समस्‍या थी कि पाती लिखे तो किस के नाम, और किस विषय को ले कर। याद आया कि विषय को लेकर थोड़ी छूट मिली हुई है पाती के लिए यूँ ही गप-सड़ाका [...]

आशा ही जीवन है

आशा ही जीवन है, सुनने मे बड़ा अच्‍छा लगता है लेकिन अगर देखा जाये तो अपने देश में क्‍या ये संभव है। क्‍योंकि आशा स्‍त्रीलिंग है, जीवन पुलिंग और अपने देश में आशा और जीवन के बीच कितना अन्‍तर है ये बताने की जरूरत नही है। जहाँ आशा को किसी श्राप से कम नही [...]