Archive for अनुगूँज
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नेतागिरी, राजनीति और नेता पर कुछ कहने से पहले इनके पीछे छुपे अर्थ को जान लेते हैं। नेता यानि जिसमें नेतृत्व करने की क्षमता हो जो आगे आगे रहे और जनता पीचे पीछे। नेतागिरी यानि राजनीति से जुड़े लोगों द्वारा दादागिरी अर्थात अपनी पसंद की बात मनवाना। राजनीति यानि वो नीति जिसमें राज्य का [...]
इस बार काफी दिनों बाद अनुगूँज का आयोजन किया गया और इसकी गूँज इधर उधर सुनायी भी गई। इस बार का विषय है - मेरे जीवन में धर्म का महत्व। वैसे अगर देखा जाय तो हेमामालिनी जी भी काफी कुछ इसमें लिख सकती हैं लेकिन उनको कहे कौन। उनके धर्म पे ज्यादा जोर ना दे [...]