अनिश्चित काल के लिये निठल्ला चिंतन बंद

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि निठल्ला चिंतन अनिश्चित काल के लिये बंद करना पड़ रहा है। निठल्ले के अचानक से त्याग पत्र देने की वजह से ऐसा किया जा रहा है। निठल्ले को मनाने और वापस लाने के लिये हमारी बातचीत जारी है लेकिन ये जल्दी होता नही दिख रहा।
ये अभी तक पता [...]

जिस रोज मुझे भगवान मिले: अंतिम भाग

अब तक आप ने पढ़ा भाग १
नेताओं की तरह तुरंत पाला बदलते हुए अपना आत्म सम्मान, अपना दिल-दिमाग सब कुछ अपनी जेब में रख हाथ जोड़ के हम बोल पड़े, “बस भगवन बस सब समझ गया। लेकिन शक का इलाज तो किसी वैध के पास है नही मन अभी भी शक कर रहा था कि [...]