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गीत-संगीतः तेरे नैना तलाश करे जिसे

[ये गीत है फुरसतिया के नाम जिनके नैना शनिवार के दिन चिट्ठाचर्चा जरूर तलाश रहे होंगे।] 1969 में एक फिल्म आयी थी जिसका नाम था तलाश, मन्ना दा का गाया हुआ इस फिल्म का एक खुबसूरत गीत है – तेरे नैना तलाश करे जिसे, वो है तूझी में कहीं दिवाने। ये गीत मेरे पसंदीदा गीतों [...]

[ More ] August 19th, 2008 | 5 Comments | Posted in गीत संगीत |

माँ सुनाओ मुझे वो कहानी और लब पे आती है दुआ

गीत और संगीत में आज दो ऐसे गीत पेश हैं जो हैं तो जगजीत सिंह के एलबम से लेकिन जिसे उन्होंने नही बल्कि एक बच्ची सिजा रॉय ने गाया है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे भावविभोर कर देने वाले ये गीत पसंद ना आयें। 1995 में जगजीत सिंह का एक एलबम आया था जिसका [...]

[ More ] July 15th, 2008 | 4 Comments | Posted in गीत संगीत |

एक पगली मेरा नाम जो ले, शरमाये भी, घबराये भी

मैं तब अल्मोड़ा में था जब गुलाम अली का ये एलबम निकला था, लाला बाजार में घूमते हुए अक्सर इसकी एक गजल जो सुनायी पड़ती थी, वो थी – एक पगली मेरा नाम जो ले, शरमाये भी, घबराये भी। तब गुलाम अली की गजलें मुझे इतनी पसंद नही थी लेकिन फिर भी ना जाने क्यूँ [...]

[ More ] July 6th, 2008 | 9 Comments | Posted in गीत संगीत |

चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल

कबाड़खाने के अशोक दाज्यू ने जब हुसैन भाईयों को सुनाया तो हमारा खोया प्यार जैसे हमें दोबारा मिल गया। इससे पहले आप इधर-उधर की सोचें हम बता दें कि हम संगीत की बात कर रहे हैं। इसलिये आज उन्हीं के पहले ऐलबम की एक खुबसूरत गजल “चल मेरे साथ ही चल, ऐ मेरी जाने गजल” [...]

[ More ] June 25th, 2008 | 10 Comments | Posted in गीत संगीत |

पुरानी जींस और गिटार

एक खुबसूरत मोहतरमा को उनकी खुबसूरत तस्वीर में जब जींस पहने और हाथ में गिटार लिये देखा तो हमें भी अपनी वो जींस याद आ गयी जो लेने के बाद हमने कभी नही पहनी और वो वैसे ही रखे रखे पुरानी हो गयी। साथ में याद आया वो गिटार जो लिया तो हमने अपने सीखने [...]

[ More ] June 19th, 2008 | 12 Comments | Posted in गीत संगीत |