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फिल्म समीक्षाः Ice Age 3 – Dawn of the Dinosaurs

सिड, मेनी और डियेगो आर बैक इन आइस ऐज ३ एंड दिस टाईम बिगर एंड बैटर, बिगर बोले तो डायनासोर और बैटर बोले तो एनीमेशन। आइस ऐज का थर्ड वर्जन दूसरे वर्जन से बेहतर है स्टोरी आयडिया में भी और ग्राफिक्स में भी। साथ ही साथ बोनस के रूप में ये थ्री-डी वर्जन में भी [...]

[ More ] July 6th, 2009 | 9 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

चलते-चलते लड़खड़ा गयी दिल्ली – Six

शुक्रवार के दिन पहले IPL 2009 का सेमी फाईनल मुकाबला देखा जिसमें दिल्ली की दिलेरी को लड़खड़ाते देखा और फिर उसके बाद अगले दिन दिल्ली -६ का वो ही हस्र होते देखा। शनिवार के दिन एक फिल्म हमको देखनी पड़ी, दूसरी हमने देखी। जो देखनी पड़ी उसका नाम था Night at the Museum: Battle of [...]

[ More ] May 26th, 2009 | 9 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः Slumdog Millionaire

स्लमडॉग मिलेनियर को अभी तक हाल में ही संपन्न हुए गोल्डन ग्लोब समेत काफी पुरस्कार मिल चुके हैं। स्लमडॉग मिलेनियर की कहानी एक भारतीय विकास स्वरूप के द्वारा लिखी किताब (Q & A) पर आधारित है। स्लमडॉग मिलेनियर की कहानी स्लम में अपने भाई सलीम के साथ रह रहे एक लड़के जमाल मलिक के इर्दगिर्द [...]

[ More ] January 14th, 2009 | 21 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः A Wednesday

A Wednesday, WOW! What a Superb film, इस फिल्म के बारे में अगर संक्षेप में लिखूँ तो वो होगा A MUST WATCH FILM। फिल्म के बारे में कुछ और बताने से पहले एक बात और कहना चाहूँगा कि कहानी के प्लॉट और आयडिया के मामले में नये फिल्मकार पुराने फिल्मकारों से बीस ही साबित हो [...]

[ More ] September 22nd, 2008 | 18 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः धर्म

This summer do yourself a favour and watch this film Dharm. वैसे तो 2007 में रीलिज हुई इस फिल्म की समीक्षा का अब उतना कोई औचित्य नही है लेकिन फिर भी अच्छे सिनेमा के लिये तारीफ के दरवाजे कभी भी खोले जा सकते हैं। फिल्म धर्म का निर्देशन किया है भावना तलवार ने जो उनकी [...]

[ More ] June 29th, 2008 | 4 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः तारे जमीन पर

इस तरह की फिल्में सालों में कभी बनती हैं और जब भी बने तो उन्हें थियेटर में ही देखना चाहिये। तारे जमीन पर भी ऐसी ही बनी एक खूबसूरत फिल्म है। तारे जमीन पर को हिन्दी फिल्मी दुनिया की लाइफ इस ब्यूटीफूल कहूँ तो शायद कोई अतिश्योक्ति नही होगी। हर कोई व्यक्ति जिसको बच्चों से [...]

[ More ] December 23rd, 2007 | 10 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः मनोरमा और जॉनी गद्दार

मनोरमा, सिक्स फीट अंडर और जॉनी गद्दार ये दोनों फिल्में अगर हालीवुड में बनी होती तो काफी अच्छा व्यवसाय करती और तारीफें भी बटोरती। इन दोनों फिल्मों का पिटना (जी हाँ मैं यही कहूँगा) इस बात का परिचायक है कि भारतीय दर्शक अभी बौद्धिक रूप से ज्यादा विकसित नही हुए हैं। अभी भी इन्हें उलूल-जूलूल [...]

[ More ] November 21st, 2007 | 5 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

फिल्म समीक्षाः एकलव्य और दो बोनस

फिल्म की लम्बाई की तरह ही छोटी समीक्षा की जायेगी, लेकिन जितनी बढिया फिल्म है शायद उतनी बढिया समीक्षा ना हो पाये। विदु विनोद चोपडा की अभी तक मैने सारी फिल्म देखीं हैं और आज ही एकलव्य भी देख कर आये। उन्होने इस फिल्म के साथ भी अपना ट्रैक रिकार्ड बरकरार रखा है जिसका मतलब [...]

[ More ] February 19th, 2007 | 3 Comments | Posted in फिल्म समीक्षा |

लगे रहो मुन्नाभाईः एकदम मस्त

बंदे में था दम – वंदे मातरम्, अब ये बंदा कौन है ये जानने के लिये तो आपको मुन्नाभाई से मिलने जाना पड‌ेगा क्योंकि मैं तो आपको बताने से रहा। ३ साल बाद एक बार फिर मुन्नाभाई अपने जिगरी सर्किट के साथ आपका मनोरंजन करने आ पहुँचे हैं। लगे रहो मुन्नाभाई एक बहुत ही मस्त [...]

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