समाज और समस्‍या


निशब्दः बच्चे कितने मन के सच्चे?

मैं निशब्द मूवी की बात नही कर रहा, आज ये खबर पढी (देखी) और पढ कर कुछ कहते जैसा नही बना। क्या दोष बच्चों का है (क्या मुझे बच्चे कहना चाहिये?) या अभिवावकों का और या अध्यापकों का और या स्कूल के वातावरण या सिस्टम का? जिस तरह से इस तरह की घटनायें अमेरिकी स्कूलों [...]

महिला दिवस का झुनझुना

महिला दिवस पर कुछ कहने से पहले एक सवाल क्योंकि मुझे ये नही पता इसलिये पूछ रहा हूँ, क्या कोई पुरूष दिवस भी मनाया जाता है। शायद नही क्योंकि महिला दिवस मुझे महिलाओं को दिया एक झुनझुना प्रतित होता है। मैने ज्यादा कुछ नही टटोला लेकिन ये महिला दिवस का हल्ला भारत में ज्यादा दिखायी [...]