महिला दिवस पर कुछ कहने से पहले एक सवाल क्योंकि मुझे ये नही पता इसलिये पूछ रहा हूँ, क्या कोई पुरूष दिवस भी मनाया जाता है। शायद नही क्योंकि महिला दिवस मुझे महिलाओं को दिया एक झुनझुना प्रतित होता है। मैने ज्यादा कुछ नही टटोला लेकिन ये महिला दिवस का हल्ला भारत में ज्यादा दिखायी […]

आज दिन में नारद चैक किया तो देखा कि “आईना मोहल्ले के साथ बंद होने की इजाजत मांगे” गोया कह रहा हो कि “हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाभी खो जाय”। हमें जगदीश भाई कम से कम अपने से तो ज्यादा समझदार लगते थे इसलिये सोचा हो सकता है कि होली की […]

काफी पुरानी कहावत है, अब सबको इसका मतलब पता है कि नही कह तो नही सकता लेकिन इतना बता सकता हूँ कि भारतीय ब्लोगर (जो भारत से ब्लोग करते हैं) जरूर इसका मतलब अब तक जान गये होंगे। हुआ यों कि भारतीय सरकार ने, जो भी कारण रहा हो उसके चलते कुछ इंटरनेट साईटस (20-22) […]

एक बार फिर दहली मुम्बई, एक के बाद एक 7 बम घमाके। भारत को झुकाना इन आतंकवादियों के बस की बात नही लेकिन इनकी ये कोशिश जारी है सरकार के कमजोर जवाबी कारवाही के कारण। मृतक के परिवार को 5 लाख रूपये और एक सदस्य को नौकरी की जगह अगर ये घोषणा की जाती कि […]

छोटी क्लास में एक कविता पढ़ी थी - यदि मैं होता किन्नर नरेश, राजमहल में रहता। सोने का सिंहासन होता सिर पर मुकुट चमकता। आज के परिपेक्ष्‍य में अगर कहना हो तो कहूँगा - यदि मैं होता भारतीय डाक्टर, एम्स में नौकरी करता। 2 दिन काम में होता 5 दिन हड़ताल मैं करता। लेकिन क्या […]

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