08 Feb
Posted by Tarun as रिव्यू, मेरी नजर मेरे विचार
Tags:मेरी नजर मेरे विचार, रिव्यू, blogvani, chitthajagat, hindi feed aggregatorबहुत दिनों से सोच रहा था कि इन दोनों को आमने सामने रख के तोलूँ, अब आप पूछोगे कितने दिनों से? तो जनाब उन दिनों से जब चिट्ठाजगत का स्वरूप धारावी (मुम्बई की मशहूर झोपड़पट्टी) जैसा हो गया था। लेकिन हर वक्त कंप्यूटर खोलते ही भूल जाता था।
पिछले कई हफ्तों से मैने नोट किया है […]
13 Nov
Posted by Tarun as रिव्यू, फिल्म, मेरी नजर मेरे विचार
Tags:फिल्म, मेरी नजर मेरे विचार, रिव्यू, comments on reviews, films, om shanti om, saawariyaपिछले कई हफ्तों से समाचारों की सुर्खियों में छायी रहने वाली दोनो फिल्में आखिरकार समाचार चैनलों से निकल बड़े पर्दे में आ ही गयी। इन दोनों फिल्मों के निर्माताओं ने इसके प्रचार और प्रसार में कोई कसर नही छोड़ी। बात आगे बढ़ाने से पहले मैं आपको प्रचार और प्रसार का अंतर समझा दूँ।
हमने दिवाली के […]
29 Oct
Posted by Tarun as रिव्यू, बस यूँ ही
Tags:बस यूँ ही, रिव्यू, Firefox, IE 7.0, Internet Explorer, Microsoftमुद्दतों बाद फुरसत मिली तो सोचा क्यों ना अपना ‘होम पेज‘ थोडा चुस्त दुरस्त किया जाय। बहुत दिनों से घिस घिस कर हमको चिट्ठों के दर्शन कराता अपना आइ ब्राउजर भी थका सा दिखने लगा था, फायरफॉक्स को नयी नवेली दुल्हन की तरह सहेज कर रखा है कभी कभी ही काम करवाते हैं जब आइ […]
कल ही मधुर भंडारकर की नई मूवी कोरपोरेट देखी, जो व्यवसायिक रूप से असफल रही। लेकिन मधुर तारीफ के हकदार हैं ऐसी फिल्म बनाने के लिये, जहाँ दूसरे फिल्मकार वही पुरानी शराब बार-बार प्रोसेस कर नई बोतल परोसने में लगे हैं वहीं कुछ ही फिल्मकार हैं जो हर वक्त कुछ अलग परोसने की कोशिश करते […]