26 Feb
Posted by Tarun as खालीपीली, फिल्म
Tags:फिल्म, chak de, filmfare awards, guru, taare jameen parसबसे पहले अंग्रेजी पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद ना वो यूँ स्विपयाते ना हम ये पोस्ट लिखकर इसका मतलब पूछ पाते। मन को काम से आराम देने के लिये हमने सोचा क्यों ना कुछ खबर-शबर पढ़ी जाय, देखा तो सभी अंग्रेजी खबरची स्विपयाने में लगे थे। कोई हैडिंग में स्विपया रहा था तो कोई कंटेंट में। […]
13 Nov
Posted by Tarun as रिव्यू, फिल्म, मेरी नजर मेरे विचार
Tags:फिल्म, मेरी नजर मेरे विचार, रिव्यू, comments on reviews, films, om shanti om, saawariyaपिछले कई हफ्तों से समाचारों की सुर्खियों में छायी रहने वाली दोनो फिल्में आखिरकार समाचार चैनलों से निकल बड़े पर्दे में आ ही गयी। इन दोनों फिल्मों के निर्माताओं ने इसके प्रचार और प्रसार में कोई कसर नही छोड़ी। बात आगे बढ़ाने से पहले मैं आपको प्रचार और प्रसार का अंतर समझा दूँ।
हमने दिवाली के […]
01 Sep
Posted by Tarun as फिल्म, फिल्म समीक्षा
Tags:फिल्म, फिल्म समीक्षा, रिव्यू, लगे रहो मुन्नाभाईबंदे में था दम - वंदे मातरम्, अब ये बंदा कौन है ये जानने के लिये तो आपको मुन्नाभाई से मिलने जाना पडेगा क्योंकि मैं तो आपको बताने से रहा। ३ साल बाद एक बार फिर मुन्नाभाई अपने जिगरी सर्किट के साथ आपका मनोरंजन करने आ पहुँचे हैं। लगे रहो मुन्नाभाई एक बहुत ही मस्त […]
कल ही मधुर भंडारकर की नई मूवी कोरपोरेट देखी, जो व्यवसायिक रूप से असफल रही। लेकिन मधुर तारीफ के हकदार हैं ऐसी फिल्म बनाने के लिये, जहाँ दूसरे फिल्मकार वही पुरानी शराब बार-बार प्रोसेस कर नई बोतल परोसने में लगे हैं वहीं कुछ ही फिल्मकार हैं जो हर वक्त कुछ अलग परोसने की कोशिश करते […]
ये जनाब शायद इंडिया के कॉल सेंटर से रूबरू हुए बिना ही यह मूवी बना बैठे, १२ मिनट की मूवी आप भी देखिये और मजा लीजिये।