ये सारांश कह रहा हूँ उस बात की चर्चा का जो अफगानिस्‍तान की गलियों और पश्‍चिमी देशों के गलियारों के बीच चल रहा है। (आप चाहें तो तेरा को मेरा कर दें और मेरा को तेरा अर्थ नही बदलने वाला) अभी तक अगर नही समझे तो कुछ यहाँ पढ़ोकुछ यहाँ पढ़ो और कुछ यहाँकुछ यहाँ। […]

बोलने या लिखने की आजादी है इसका मतलब ये नही कि कोई कुछ भी लिखता जाय, अब अगले ने लिख दिया और हमें पसंद नही आया तो इसका मतलब ये भी नही कि गुस्‍से में अपने ही देश की संपत्ति को नुकसान पहुँचायें या क्रौध की अग्‍नी के जलजले में अपने ही लोगों की चिता […]

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