06 Mar
Posted by Tarun as धर्म, समाज और समस्या, मेरी नजर मेरे विचार
Tags:धर्म, मेरी नजर मेरे विचार, समाज और समस्या, hindu, India, muslimआज दिन में नारद चैक किया तो देखा कि “आईना मोहल्ले के साथ बंद होने की इजाजत मांगे” गोया कह रहा हो कि “हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाभी खो जाय”। हमें जगदीश भाई कम से कम अपने से तो ज्यादा समझदार लगते थे इसलिये सोचा हो सकता है कि होली की […]
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा कि ही तर्ज पे थोडा घुमा के कांग्रेस पार्टी ने बोल ही दिया, “तुम हमें वोट दो हम तुम्हें देश के संसाधनों के उपयोग का पहला हक देंगे”। गोया भारत के संसाधन कांग्रेस पार्टी की जागीर हों। माना कि राजप्रथा की तरह इस पार्टी में भी वंशज […]
यानि योग (योगा) में भी लगने लगा धर्म का पैबंद। योगा एक प्राचीन अनुशासित अभ्यास है जिसमें व्यक्ति अपने दिमाग, शरीर और आत्मा का मिलन करने या कराने की कोशिश करता है।
योगा आज से पहले शायद ही किसी भगवान या धर्म से सीधा जुड़ा हो क्योंकि ये एक ऐसा अभ्यास है जिसमें हमें अपने ही […]
अभी अभी बी. बी. सी न्यूज में ये स्टोरी देखी जो दिल दहलाने वाली थी। खबर है कि उत्तर प्रदेश के किसी दूर दराज के गाँव में धार्मिक क्रिया के नाम पर दर्जनों बच्चों की बलि दी गयी (दी जा रही) है। आफिसरों का कहना है कि ऐसा अब बहुत कम होता है लेकिन चाहे […]
03 Apr
Posted by Tarun as धर्म, अनुगूँज
Tags:अनुगूँज, आदमी, इस्लाम, कर्म, धर्म, धार्मिक, मंदिर, मस्जिद, हिन्दुइस बार काफी दिनों बाद अनुगूँज का आयोजन किया गया और इसकी गूँज इधर उधर सुनायी भी गई। इस बार का विषय है - मेरे जीवन में धर्म का महत्व। वैसे अगर देखा जाय तो हेमामालिनी जी भी काफी कुछ इसमें लिख सकती हैं लेकिन उनको कहे कौन। उनके धर्म पे ज्यादा जोर ना दे […]