एक सोफ्टवेयर प्रोग्रामर मरने के बाद यमराज के पास पहुँचा, उसे बताया गया कि उसके कर्मो के आधार पर उसे ये च्वाइस दी जाती है कि वो स्वर्ग या नर्क में से एक चुन ले। उसने कहा कि वो पहले दोनो जगह देखना चाहेगा। उसे जब दोनो जगह दिखाई गयी तो उसने देखा कि […]
26 Jun
Posted by Tarun as अनुगूँज
Tags:अनुगूँज, नेता, नेतागिरी, राजनीतिनेतागिरी, राजनीति और नेता पर कुछ कहने से पहले इनके पीछे छुपे अर्थ को जान लेते हैं। नेता यानि जिसमें नेतृत्व करने की क्षमता हो जो आगे आगे रहे और जनता पीचे पीछे। नेतागिरी यानि राजनीति से जुड़े लोगों द्वारा दादागिरी अर्थात अपनी पसंद की बात मनवाना। राजनीति यानि वो नीति जिसमें राज्य का […]
संस्कृतियाँ दो और आदमी एक, इसे अगर यहाँ अमेरिका में एक शब्द में या संक्षेप में कहना हो तो कहेंगे ए.बी.सी.डी. यानि की अमेरिकन बोर्न कंफ्यूज्ड देसी। जी हाँ, अपनी जवानी में अमेरिका आये लोगों की संतानें इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है। अब घर में उन्हें माँ बाप भारत की संस्कृति सभ्यता सिखाने में लगे […]
03 Apr
Posted by Tarun as धर्म, अनुगूँज
Tags:अनुगूँज, आदमी, इस्लाम, कर्म, धर्म, धार्मिक, मंदिर, मस्जिद, हिन्दुइस बार काफी दिनों बाद अनुगूँज का आयोजन किया गया और इसकी गूँज इधर उधर सुनायी भी गई। इस बार का विषय है - मेरे जीवन में धर्म का महत्व। वैसे अगर देखा जाय तो हेमामालिनी जी भी काफी कुछ इसमें लिख सकती हैं लेकिन उनको कहे कौन। उनके धर्म पे ज्यादा जोर ना दे […]
गागर में सागर भरने की कोशिश में अपनी तरफ से कुछ बुंदें - देर से ही सही पर बरसी तो।
सफलता
1. हार का स्वाद मालूम हो तो जीत हमेशा मीठी लगती है - माल्कम फोर्बस
2. हम सफल होने को पैदा हुए हैं, फेल होने के लिये नही - हेनरी डेविड
3. पहाड़ की चोटी पर पंहुचने के […]