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या तो राम झूठे हैं या मीडिया

अभी अभी जी टीवी पर खबरें देख रहा था तो सबसे पहली खबर आयी, “जी टीवी का सबसे बड़ा सनसनी खेज खुलासा – क्या रावण जिंदा है?“। लो करलो जी बात, खुलासा कर रहे हो या सवाल पूछ रहे हो। चलो मान लिया कि सनसनी की बात कर रहे हो तो खुलासा ही कर रहे [...]

होली, गोली और होली के मस्ती भरे गीत

आज होली की सिर्फ कोरी बधाई ही नही दी जा रही है बल्कि कुछ मस्ती भरे होली के गीत भी आपकी खिदमत पेश हैं, आईये, सुनिये और होली का मजा लीजिये। निठल्ला चिंतन पढने वाले सभी पाठकों को होली की रंग भरी शुभकामनायें, दिल रंगिये, दूसरों को रंगिये और कोई नही मिले तो शीशे के [...]

ईसाई योगा

यानि योग (योगा) में भी लगने लगा धर्म का पैबंद। योगा एक प्राचीन अनुशासित अभ्‍यास है जिसमें व्‍यक्‍ति अपने दिमाग, शरीर और आत्‍मा का मिलन करने या कराने की कोशिश करता है। योगा आज से पहले शायद ही किसी भगवान या धर्म से सीधा जुड़ा हो क्‍योंकि ये एक ऐसा अभ्‍यास है जिसमें हमें अपने [...]

[ More ] April 27th, 2006 | 5 Comments | Posted in धर्म, संस्‍कृति |

तेरा पानी अमृत, मेरा पानी पानी

ये सारांश कह रहा हूँ उस बात की चर्चा का जो अफगानिस्‍तान की गलियों और पश्‍चिमी देशों के गलियारों के बीच चल रहा है। (आप चाहें तो तेरा को मेरा कर दें और मेरा को तेरा अर्थ नही बदलने वाला) अभी तक अगर नही समझे तो कुछ यहाँ पढ़ोकुछ यहाँ पढ़ो और कुछ यहाँकुछ यहाँ। [...]

कुमांऊनी होली – संगीत और रंगों का त्‍यौहार

होली के वक्‍त अंग्रेजी ब्‍लोग में लिखे लेख का अनुवाद, वैसे ही जैसे बेमौसम की बरसात। फाल्‍गुन के महीने होली का आना अक्‍सर मुझे ले जाता है बहुत पीछे बचपन की उन गलियों में, जहाँ न कोई चिन्‍ता थी और ना ही नौकरी का टेंशन सिर्फ मस्‍ती और हुड़दंग। अपने जीवन की अधिकतर मस्‍त होली [...]

[ More ] June 19th, 2005 | Comments Off | Posted in संस्‍कृति |