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पराशर गौड़ की एक कविताः पीड़ा

पराशर गौड़ उत्तराखंडी सिनेमा के जनक कहे जाते हैं, इनके द्वारा पहाड़ी महिला के संघर्ष की कहानी पर निर्मित फिल्म गौरा अभी इस साल के शुरू में रिलीज हुई थी। इन्होंने फिल्मों के साथ साथ कई नाटक और कवितायें भी लिखीं हैं, आज इन्हीं की एक कविता पोस्ट कर रहा हूँ जो इन्होंने कल-परसों शायद [...]

ऐ मेरे वतन के लोगों

दुनिया में युद्ध का सबसे ऊँचा मैदान, खतरनाक पहाड‌ियाँ, एक मुश्किल सा नजर आने वाला काम। भारतीय फौज के जवानों के हौसले बुलंद थे और इरादे मजबूत उन्होंने आतंकियों और उन के भेष में छुपे पाकिस्तानी सैनिकों को भेड़ बकरियों की तरह देश की सीमा से बाहर खदेड़ दिया। इस बात को अब ७ साल [...]

डांस थोड़ा हटके

ज्‍यादातर लोगों के लिये डांस का मतलब है बालीवुड के गीतों में ठुमके लगाना, और अगर कोई ठुमके मारते मारते एक्‍सपर्ट हो गया तो फिल्‍मों और टीवी के चक्‍कर काटने शुरू कर देता है। लेकिन कितने लोग सोच सकते हैं कि यही डांस किसी के ईलाज के काम आ सकता है। एक के बारे में [...]

[ More ] April 23rd, 2006 | 1 Comment | Posted in भारत, व्‍यक्‍तिव |