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रस्सी जल गयी पर बल नही गया

पाकिस्तान के ऊपर ये कहावत बिल्कुल ठीक बैठती है, हाल ही में आयी बाढ़ ने पाकिस्तान के एक हिस्से का जन-जीवन तहस नहस कर दिया है। तकदीर के मारे उन लोगों को पाकिस्तान सरकार उतनी तेजी से जरूरत के हिसाब से राहत मुहया नही करा पा रही है, इसके बाद भी उस देश के हुकुमरानों [...]

एहसानफरामोश और अपराधलिप्त नेताओं के देश से वापसी

सठिया चुके दिमाग से उलूल-जुलूल संभावनायें तलाशते अंतुले और मौकापरस्त दलबदलू नेता दिग्विजय सिंह सरीखे नेताओं की जमात वाले देश से बुश को पुश करते ओबामा की रट लगाने वाले देश में हमारी सकुशल वापसी हो गयी है। ये भारत अब वो भारत ना रहा, यहाँ “सच्चाई का बोलबाला, झूठे का मुँह काला” वाली कहावत [...]

[ More ] January 1st, 2009 | 12 Comments | Posted in राजनीति |

आम आदमी ले तो घूस नेता ले तो दान

मेरे भारत महान को अब ये जो घूस है इसे कानून की शक्ल दे देनी चाहिये, आखिर कब तक बेचारा आम आदमी यूँ पिसता रहेगा। अगर ये कानून की शक्ल ले ले तो भ्रष्टाचार भी काफी हद तक कम हो जायेगा क्योंकि सब कुछ कानून के दायरे में जो होगा। साथ ही दूसरा फायदा ये [...]

अमेरिकी चुनावः इस बार बन सकता है इतिहास

इस बार के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक इतिहास के रचे जाने की बहुत ज्यादा संभावना है और ये इतिहास रचेगी डेमोक्रेटिक पार्टी। लास्ट राउंड की रेस तक इस पार्टी के दो फाईनल उम्मीदवार हैं, बेरॉक ओबामा और हिलेरी क्लिटंन। यानि कि अमेरिकी इतिहास में या तो पहला अफ्रीकन-अमेरिकन राष्ट्रपति बनेगा या पहली महिला राष्ट्रपति। [...]

हल्ला मचा रखा है नंदीग्राम बंदीग्राम

इधर कुछ दिनों से देख रहा हूँ कि हर तीसरी या चौथी पोस्ट नंदीग्राम पर ही होती है, हिन्दी चिट्ठाजगत में नंदीग्राम का ही शोर है। अरे इतना शोर मचाने की क्या जरूरत है ये तो गरीब हैं, किसान हैं ये तो शायद पैदा ही कुचले जाने के लिये हैं। इनका ये ही हस्र होना [...]

दो नावों पर सवार, हर पल पड़ती मार

क्या मुझे बताना चाहिये कि यहाँ बात किस के संदर्भ में की जा रही है? शायद ये ही बेहतर रहेगा, मैं पाकिस्तान की बात कर रहा हूँ। अब आप ही देखिये ६० साल के इतिहास में २७ साल डेमोक्रेसी की सरकार चली और ३३ साल मिलेटरी का शासन, हुई ना दो नावों में सवारी। वैसे [...]

नच बलियेः नचा नचा के दुनिया हिला दे

कहीं आप ये तो नही सोच रहे कि मैं किसी देसी टेलिविजन में आने वाले किसी डांस कार्यक्रम का जिक्र कर रहा हूँ। अगर ऐसा है तो आप गलत सोच रहे हैं। मैं बात कर रहा हूँ उस शख्स की जिसने पहले भारत के राजनेताओं को नचाया था, अपनी कूटनीटि (या धूर्त राजनीति) से, मैं [...]

भारतीय देवता पार्टी

हिन्दू देवताओं के बारे में जरा सा भी इधर का उधर कहे जाने पर, या किसी फोटो का वैसा कर दिये जाने पर हत्थे से उखड़ जानी वाली पार्टी और बौखला जाने वाले कार्यकर्त्ता खुद कितने पानी में हैं उसकी ताजा मिसाल राजस्थान में देखने में आयी। कल न्यूज देखने में पता चला कि भारतीय [...]

जादू है ना जोर है कैसी माया है

१५० साल पहले भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का बिगुल उत्तर प्रदेश में ही बजा था और ऐसा ही एक बिगुल आज फिर बजा जब मायावती की माया कब लोगों के सर चढ़ वोटों के रूप में बदल गयी किसी को पता ही नही चला। जाहिर सी बात है मायावती जो कि बहुजन समाजवादी पार्टी [...]

[ More ] May 12th, 2007 | 3 Comments | Posted in राजनीति |