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जीना सिखाती ये तस्वीरें

कहते हैं एक तस्वीर कई बार हजार शब्दों से ज्यादा प्रभावी होती है, कई बार ऐसा होता है कि मुश्किलों के आगे और कई तरह की असुविधाओं के चलते हम लोग थोड़ा डाउन महसूस करते हैं। और ऐसे समय में अगर इन लोगों को इन तस्वीर के जरिये देखें तो शायद यही कहना पड़ेगा – [...]

[ More ] September 26th, 2008 | 27 Comments | Posted in बस यूँ ही |

क्या इसे धर्मनिरपेक्षता की मिसाल मान सकते हैं?

मैंने कई बार इस देश और इस देश के वाशिंदो (हमें भी गिना जाये) पर संशय किया है, उनके धर्मनिरपेक्ष होने और उनकी धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाये। लेकिन आज इस खबर को पढ़कर मुझे लगा कि मेरी इस सोच को पुनर्विचार की जरूरत है। क्या अब हम वाकई सही मायनों में धर्मनिरपेक्षता की मिसाल कहे [...]

[ More ] August 26th, 2008 | 11 Comments | Posted in धर्म, बस यूँ ही |

हिंदुस्तानी की डायरी, मनमोहन सिंह, हिंदी और गुगल की चंपी

हिंदुस्तानी की डायरी वाले अनिल रघुराज ने कल एक बढ़िया लेख लिखा था (गुरमुख सिंह के पुत्तर मोहना को हिंदी नहीं आती?) जिसमें मनमोहन सिंह को अंग्रेजी में बोलने पर काफी कोसा था। अनिलजी ने अपने ब्लोग पर गुगल देव को अंग्रेजी अनुवाद के लिये बैठा के रखा हुआ है तो हमने सोचा क्यों ना [...]

[ More ] July 30th, 2008 | 7 Comments | Posted in बस यूँ ही |

विडियोः स्वतंत्रता दिवस की बधाई

स्वतंत्रता दिवस की इस बार की ६०वीं वर्षगांठ पर इस विडियो के मार्फत सभी को बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें। भारत को आजादी दिलाने के लिये शहीद हुए सभी शहीदों और इस आजादी को बरकरार करने के लिये अपनी जान की परवाह किये बगैर उसे गवांने वाले सेना के सभी जवानों को हमारी भावपूर्ण [...]

भारतीय देवता पार्टी

हिन्दू देवताओं के बारे में जरा सा भी इधर का उधर कहे जाने पर, या किसी फोटो का वैसा कर दिये जाने पर हत्थे से उखड़ जानी वाली पार्टी और बौखला जाने वाले कार्यकर्त्ता खुद कितने पानी में हैं उसकी ताजा मिसाल राजस्थान में देखने में आयी। कल न्यूज देखने में पता चला कि भारतीय [...]

माई नी माईः ये माजरा क्या है?

लता मंगेशकर को तो सभी जानते हैं, हजारों गाने वो गा चुकी हैं लेकिन वो ऐसी गलती कर सकती हैं यकीन नही होता। किसी की तो है या तो लताजी की या फिर उस गीतकार की जिसने ये गीत लिखा। कई लोगों की तरह वो हमारी भी पसंदीदा गायिकाओं में से हैं, इसलिये हमें तो [...]

नमः शिवाय बैंक

क्या आपने कभी इस नाम के बैंक के बारे में सुना है, अगर नही सुना तो ये पढ लीजिये। ये बैंक है उत्तर प्रदेश के एक शहर काशी में, अब आप लोग जरूर सोच रहे होंगे ये कहीं कोई विदेशी बैंक तो नही। जी नही ये विदेशी नही बल्कि खालिस देशी बैंक है। इस बैंक [...]

[ More ] February 15th, 2007 | 3 Comments | Posted in बस यूँ ही |

उनकी कमीज मेरी कमीज से सफेद कैसे

इंडी ब्लागीज के दूसरे चरण के लिये पहुँचे चिट्ठों की घोषणा हो चुकी है, कुल मिलाकर 175 चिट्ठे इस मुकाम तक पहुँचे। हमने भी हाथ आजमाये थे, हिन्दी और बेस्ट डिजायन की कैटगरी के लिये। हिन्दी में तो हमें पता था कि हम से एक से एक धुरंधर बैठे हैं इसलिये हमारे जैसे चिट्ठे उनके [...]

[ More ] February 11th, 2007 | 5 Comments | Posted in बस यूँ ही |

दम तोडती कहानियाँ

जी हाँ, आपने बिल्कुल सही पढा है – कहानियाँ भी दम तोडती हैं। लेकिन यहाँ मैं अपनी उस कहानी की बात नही कर रहा हूँ जो शुरू तो जोरशोर से की थी लेकिन जिसके अंत का अभी पता नही क्योंकि उसका तयशुदा अंत लापता है, मिल नही रहा। और ना ही बुनो कहानी की उन [...]

[ More ] February 10th, 2007 | 6 Comments | Posted in बस यूँ ही |