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किसी और के पिया का संदेश गलती से आ जाये तो

August 26th, 2010 | 9 Comments | Posted in चुटकुले

आज मैं कटाई छँटाई कर रहा था अपनी ईमेल के इनबॉक्स में, एक मेल देखकर एक पुराना गीत याद आ गया। डाकिया डाक लाया, डाक लाया, डाकिया डाक लाया, साथ ही याद आया पुराना जमाना, ईमेल से पहले का जमाना। तब अगर डाकिया गलती से शर्माजी की चिट्ठी पड़ोस में वर्माजी को दे जाये तो ज्यादा बड़ी समस्या नही होती क्योंकि शराफत के मारे वर्माजी बंद चिट्ठी पढ़ तो नही सकते, इसलिये जाहिर है शर्माजी को दे आयेंगे और इसी बहाने चाय के साथ कुछ गपशप हो जायेगी। हाँ अगर वो पड़ोसी शराफत के दुश्मन छुट्टन उस्ताद हुए तो समझ लो कोई चिट्ठी आयी नही।

अब इस ईमेल के जमाने में वर्माजी और छुट्टन उस्ताद दोनों में चिट्ठी को लेकर शराफत की मात्रा लगभग एक समान ही है क्योंकि अगर वो ईमेल आपके बॉक्स में आयी तो आपकी ही हुई, किसी और को संबोधित है तो शायद आपको लगे गलत आ गयी फिर भी आप पूरी पढ़ ही लेंगे। असली समस्या तब होती है जब ईमेल में कोई खास नाम का संबोधन नही होता।

अगर धैर्य रखकर आप यहाँ तक पढ़ने का साहस कर चुके तो मैं दावे से कह सकता हूँ कि आप को शायद कुछ समझ ना आ रहा हो कि पिया का नाम टाईटिल में देकर ये चल क्या रहा है? तो ज्यादा मगजमारी ना करते हुए पूरे किस्से को हिंदी में अनुवाद करके आपके सामने रख देता हूँ, आपको टाईटिल का मर्म सब समझ आ जायेगा।

एक आदमी किसी होटल में दाखिल हुआ, चेक-इन करने के बाद जब वो अपने कमरे में पहुँचा तो उसने पाया कि कमरे में एक अदद कंप्यूटर रखा हुआ है, उसने सोचा क्यों ना बीबी को ईमेल कर दूँ। एस एम एस के आदी हो चुके उस पतिनुमा प्राणी ने जल्दीबाजी में गलती से गलत ईमेल का पता टाईप कर दिया और गलती में ध्यान दिये बिना ही ईमेल भेज भी दी

उसी समय, अमेरिका के एक शहर ह्यूस्टन में एक विधवा अपने पति के अंतिम संस्कार (यानि क्रियाकर्म यानि दफनाने के बाद) करने के बाद घर पहुँची। एस एम एस और ईमेल की महामारी का शिकार उस विधवा ने सोचा क्यों ना ईमेल चेक कर लूँ शायद किसी परिचित या दोस्त का कोई सांत्वना संदेश आया हो।

लेकिन पहली ईमेल में लिखा संदेश पढ़ते ही वो विधवा बेहोश होकर गिर पड़ी। आवाज सुनते ही विधवा का बेटा दौड़ता हुआ आया, आकर देखता है कि माँ जमीन में बेहोश पड़ी है और कंप्यूटर में एक ईमेल खुली है जिसका मजमून कुछ यूँ है -

टूः मेरी प्यारी बीबी
विषयः मैं पहुँच गया हूँ
तारीखः <उसी दिन की>

मैं जानता हूँ कि तुम मेरी ये ईमेल पाकर आश्चर्य कर रही होगी। इन्होंने यहाँ कंप्यूटर लगाये हुए हैं और हम अपने चाहने वालों को ईमेल भेज सकते हैं।

मैंने अभी अभी पहुँच कर बस चेक-इन ही किया है। लेकिन मैं देख रहा हूँ कि इन्होंने तुम्हारे कल (टूमोरो) आने की पूरी व्यवस्था अभी से कर रखी है।

कल के दिन तुम से मिलने की बेताबी से राह देखता

तुम्हारा
प्यारा पति

तो देखा आपने किसी और के पिया का संदेश गलती से अगर किसी और को आ जाये तो क्या हो सकता है।

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9 Responses to “किसी और के पिया का संदेश गलती से आ जाये तो”

  1. कम-पिटऊ-कर Says:

    व्हेरी गुड़…

    बहुत सही…

    भालो कथा….

    ऒऎ की गल्ल कित्ती ए बाश्शाहों !

  2. Sanjeet Tripathi Says:

    joke padhkar majaa aa gaya…, mast

  3. hempandey Says:

    यह चुटकुला पहले सुन चुका हूँ. कुछ अन्य पाठकों ने भी सुना होगा.

  4. राज भटिया Says:

    बहुत सुंदर जी

  5. satish saxena Says:

    अरे यह आप हैं …मुझे मालूम ही नहीं था बहुत दिनों से आपको पढ़ा ही नहीं ! हार्दिक शुभकामनायें !

  6. bhootnath Says:

    हा…हा…हा…हा…हा….मैं तो हंसता ही रहा गया…..बहुत देर तक हँसता ही रहा…..यह लिखते हुए भी हंस ही रहा हूँ……हा….हा….हा…हा…यार तुमने तो तरो-ताज़ा कर दिया….!!मज़ा आ गया सच…..!!!

  7. satish saxena Says:

    इस पोस्ट में आपका सन्दर्भ लिया है सो एक बार देख अवश्य लें !
    http://satish-saxena.blogspot.com/2010/08/blog-post_30.html
    सादर

  8. ghughutibasuti Says:

    :D
    घुघूती बासूती

  9. ePandit Says:

    ओह कितनी शॉकिंग सिचुएशन है। :)

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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