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किसी और के पिया का संदेश गलती से आ जाये तो

आज मैं कटाई छँटाई कर रहा था अपनी ईमेल के इनबॉक्स में, एक मेल देखकर एक पुराना गीत याद आ गया। डाकिया डाक लाया, डाक लाया, डाकिया डाक लाया, साथ ही याद आया पुराना जमाना, ईमेल से पहले का जमाना। तब अगर डाकिया गलती से शर्माजी की चिट्ठी पड़ोस में वर्माजी को दे जाये तो [...]

[ More ] August 26th, 2010 | 9 Comments | Posted in चुटकुले |

चंदन विष व्यापत नही, लिपटे रहत भुजंग

एक शक्की आदमी था, हर वक्त भ्रमित रहता, लटकती रस्सी को साँप समझकर हमेशा डरा रहता। उसी दुनिया में एक दूसरा आदमी भी था जो आज भी यही समझता था कि कोई अगर तुम्हारे एक गाल में थप्पड़ मारे तो उसके आगे दूसरा गाल कर दो। मैंने आज के दिन दो अलग अलग अलग खबरें [...]

[ More ] August 18th, 2010 | 5 Comments | Posted in खालीपीली |

पुस्तक चर्चाः बिखरे मोती – टूट गयी है माला मोती बिखर गये

कनाडा के एक कस्बे से पास के बड़े शहर को जाती ट्रेन में काला चश्मा लगाये, भरे गदराये जिस्म का एक आदमी बैचेनी से इधर उधर कुछ ढूँढ रहा था। अचानक उसकी नजर थोड़ा दूर पर बैठी मल्टी प्रोसेसिंग की जीती जागती मिसाल एक युवती पर पड़ी, जो गरदन एक तरफ झुका सिर और कंधे [...]