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ख्वाब की दस्तक ने खोले बंद यादों के किवाड़ – 2

स्कूल के दिनों में दूरदर्शन के बेहतरीन टीवी सीरियलस को याद करते हुए मैने कुछ सीरियलस पिछली बार बताये थे, आज उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कुछ और सीरियलस को याद करते हैं। शरद जोशी का लिखा हुआ एक बहुत ही सरल और सरस कामेडी सीरियस आता था, “ये जो है जिंदगी“। इस सीरियल [...]

[ More ] March 30th, 2009 | 12 Comments | Posted in old days of childhood |

ख्वाब की दस्तक ने खोले बंद यादों के किवाड़ – 1

एक रोज काम के बोझ से थका ट्रेन में आंखें मूँदे बैठ वापस लौट रहा था तब अचानक मुझे सुनायी दिया, “ताना ना न न ना, ताना ना न न ना”। ऐसा लगा जैसे किसी ने घंटी बजायी हो उठा किवाड़ खोले, सामने कोई नही था। इधर उधर झाँक कर देखा एक बच्ची खिलखिलाकर हँस [...]

[ More ] March 27th, 2009 | 16 Comments | Posted in old days of childhood |

बेस्ट फोटोः शब्द गौण हैं, भाव मौन हैं

ये फोटो मुझे ईमेल से मिला और कुछ लिखने की जगह इतना ही कह सकता हूँ – शब्द गौण हैं, भाव मौन हैं। आप कुछ कहना चाहेंगे?

[ More ] March 21st, 2009 | 23 Comments | Posted in जरा हट के |

वो मेरा पहला कवि सम्मेलन

अभी रविवार के दिन यहाँ प्रिंसटन में एक कवि सम्मेलन था जिसका आयोजन अनूप भार्गव जी ने किया था, हमें भी न्यौता मिला तो हम भी जा पहुँचे। इससे पहले कि कुछ गलतफहमी हो जाये मैं बताता दूँ हम छोटे से स्टेज में नही बड़ी सी दर्शक दीर्घा में बैठने के लिये गये थे। हालांकि [...]

[ More ] March 16th, 2009 | 17 Comments | Posted in जरा हट के |

होली पर लिखी एक कविता और एक विडियो

हमेशा की तरह इस बार भी होली आ ही गयी, ये होली भी ना, कभी आना नही भूलती, देखिये तो हर तरफ कैसे कैसे रंग बिखेरे हुए हैं इस ने। आप लोग तो होली होली के दिन ही मनायेंगे, हम तो हर त्यौहार की तरह इसे भी यहाँ वीकेंड में ही मनायेंगे। निठल्ला चिंतन पढने [...]

इंडियन कहाँ हैं?

एक अमेरिकन इंडिया घूमकर वापस अमेरिका आया और जब वो अपने इंडियन दोस्त से मिला तो उस इंडियन दोस्त ने उससे इंडिया के बारे में जानना चाहा। उसने अमेरिकन से पूछा, तो मेरा देश तुम्हें कैसा लगा? अमेरिकन ने जवाब दिया, इंडिया इज ग्रेट कंट्री विद सोलिड एंसियेंट हिस्ट्री एंड इमेंसली रिच विद नेचुरल रिसोर्सेज। [...]

[ More ] March 6th, 2009 | 19 Comments | Posted in जरा हट के |

ब्लोगिंग के 5 सालः कुछ फायदे कुछ नुकसान

विगत १५ फरवरी २००९ को ब्लोगिंग करते अपने को ५ साल पूरे हो गये, मंदी के इस दौर में ये बताने की रफ्तार भी कितनी मंद रही ये इसी से दिखता है कि हम ये बात आज ४ मार्च को बता रहे हैं। सोचा आज क्यों ना थोड़ा पीछे मुड़ कर देखा जाये और जानने [...]

[ More ] March 4th, 2009 | 44 Comments | Posted in Announcement |