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क्या ये नैतिक है? – सात बच्चे सोचे थे लेकिन वो आठ थे

February 2nd, 2009 | 5 Comments | Posted in देश दुनिया

यहाँ अमेरिका में एक ३३ साल की औरत ने आठ बच्चों को एक साथ जन्म दिया, उसके पहले से ही ६ बच्चे थे। एक ही उम्मीद में ये सब किया गया लेकिन हो गये आठ, यहाँ तक की डाक्टर भी ७ बच्चे समझ के डीलिवरी करवा रहे थे।

ऐसा पढ़ने में आया कि वह औरत शायद अविवाहित है और उसे बच्चों का शौक है (इसका लिंक अभी ढूँढना है)। लेकिन बहस इस बात पर नही हो रही है। बहस किसी और बात की है, दरअसल ये embryos इंप्लांट करके किया गया। और नियम (या code of ethics) ये है कि ३५ साल से कम उम्र की औरत में २ से ज्यादा embryos इंप्लांट नही किये जा सकते। ये इसलिये किया जाता है कि शर्तिया गर्भ ठहरे, एक बार ऐसा हो जाने पर बाकि embryos को एक-एक करके निकाल दिया जाता है। अब बहस ये है कि इस केस में ऐसा क्यों नही किया गया, औरत नही चाहती थी क्या इसलिये।

ऐसा भी क्या शौक? क्या अब वो औरत ६ प्लस ८ टोटल १४ बच्चों को ३३ साल की उम्र में अच्छे से संभाल सकती है? बड़े ६ बच्चे ७ से २ साल तक की रेंज के हैं। आप लोग इस पूरे प्रकरण पर क्या सोचते हैं?

पढ़ने के लिये कुछ लिंक ये रहे -

  • Octuplets: Eight times the ethical questions
  • Mother of octuplets has six other children
  • Octuplets’ births surprise California doctors
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    5 Responses to “क्या ये नैतिक है? – सात बच्चे सोचे थे लेकिन वो आठ थे”

    1. समीर लाल Says:

      सोचेंगे तो बाद में-खबर से ही दिमाग सुन्न हो गया.

    2. हिमांशु Says:

      अप्राकृतिक, अनुपयुक्त.
      घबरा गया मैं.

    3. परमजीत बाली Says:

      मानव प्राकृति के साथ खिलवाड़ अंत में बहुत महँगा पडेगा।

    4. sanjupahari Says:

      hmm kya kahu kya naa kahu ye kaisi muskil hai bhai….ekdam aprakratik hai,,,achcha nahi laga

    5. masijeevi Says:

      चौदह

      ओत्‍ततेरेकी

    बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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