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छोटी सी आशा पिता बने 13 साल के बच्चे के लिये

February 16th, 2009 | 12 Comments | Posted in देश दुनिया

ब्रिटेन के अखबारों में ये बात सुर्खियां बनी थी (हैं), सही गलत की बहस अभी जारी है। 13 साल का एक बच्चा अभी अभी पिता बना है, माँ बनी लड़की की उम्र है 15 साल। अमेरिका के सी एन एन की मानें तो इसका एक तीसरा एंगल भी है और वो है 16 साल का एक लड़का जिसका मानना है कि वो शायद इस बच्चे का पिता हो सकता है खैर सच झूठ तो डी एन ए टेस्ट से निकल आयेगा।

However, on Sunday the Sun’s sister paper, the News of the World, reported that Richard Goodsell, aged 16, was claiming he was Maisie’s father.

“I know I could be the father. Everyone thinks I am. My friends all tell me that baby has my eyes — even my mum thinks so.

“Only a DNA test is going to sort this out properly. If I am the father, I have the right to know,” he told the News of the World.

ब्रिटेन में ऐसा पहली बार नही हुआ है (आंकड़े नीचे दिये लिंक में मिल जायेंगे) लेकिन फिर भी ना जाने क्यों वहाँ के अखबार इतना हल्ला मचा रहे हैं। उनको लगता है ब्रिटेन का सोशियल सिस्टम टूटने के कगार पर है जबकि वो दोनों बच्चे चाहते थे कि उनके बच्चे हों और हो गये। फिलहाल तो पिता बने बच्चे को कभी कभी दस पोंड की पॉकेट मनी मिल जाती है और उनको पूरा यकीन है कि वो बच्चे का अच्छा लालन-पालन कर सकते हैं।

डेली मेल लिखता है -

The Daily Mail says Alfie, his baby and the child’s 15-year-old mother have been let down by a “liberal establishment”.

वही संकुचित मानसिकता वाली पार्टी की सोच कुछ ऐसी है -

Former Conservative party leader Iain Duncan Smith, who runs the Centre for Social Justice think tank, told PA that the birth highlighted another case of “broken Britain” where “anything goes.”

अब आप सोच रहे होंगे इसमें छोटी सी आशा कहाँ से है, तो वो यूँ है कि सन् 1999 में 12 साल का एक लड़का जेमी सूटन भी ऐसे ही एक बच्चे का पिता बना था और एक दशक बाद भी वो और उसकी गर्लफ्रेंड साथ रहते हैं, यही नही उसके पास एक जॉब भी है और तीन बेडरूम का घर। आशा की ये खबर दी है टाइम्स ने।

The Times offers optimism in the case of 13-year-old father Alfie Patten by recalling Jamie Sutton, of Manchester, who fathered twins in 1999, aged 12.

A decade on, Mr Sutton and his girlfriend are still together, he has a job and a three-bedroom house.

इस खबर से जुड़े लिंक नीचे है, जिनमें अन्य डिटेल भी हैं -

  • बीबीसीः Press outrage over new father, 13
  • सीएनएनः UK: Birth of 13-year-old dad’s child sparks outrage
  • सीएनएनः Second boy claims to be dad in UK baby case
  • उम्र के गणित के हिसाब से जब तक लड़का हाईस्कूल पास आउट होगा तब तक उनका बच्चा केजी में तो होगा ही। लड़का-लड़की में कोई भेद किये बगैर आप इस बात पर क्या विचार रखते हैं?

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    12 Responses to “छोटी सी आशा पिता बने 13 साल के बच्चे के लिये”

    1. Dr.Arvind Mishra Says:

      तरुण अगर कोई चिंता की बात है तो वह कम उम्र के जन्म से उपजी जच्चा बच्चा की स्वास्थ्य समस्या ही बस मगर इसे कितने ऐन्गिलों से चटखारे लेकर पढ़ा जा रहा है !

    2. seema gupta Says:

      ” strange and disturbing too…”

      regards

    3. Suresh Chiplunkar Says:

      मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ, जल्द ही इसका “संस्करण” खुलेआम भारत में भी देखा जा सकेगा… और जो भी इसका विरोध करेगा वह “कन्ज़र्वेटि्व” कहलायेगा… :) :) समाज को “पूरा खोलने” का अभियान बहुत जल्दी रंग लायेगा…

    4. mamta Says:

      हाँ ये ख़बर हमने भी पढ़ी थी ।

    5. Abhishek Ojha Says:

      इस पर नो कमेन्ट !

    6. Dr.anurag Says:

      ये उस पूरे समाज की विफलता है ..सबसे ज्यादा दुःख की बात ये है की उन नादानों को गर्भ ठहरने के बाद समुचित तरीके से कायूँसिल नही किया गया ….इसमे कही न कही पूरे समाज की जिम्मेदारी आती है …ये केवल कुछ दिनों का समय नही होता ओर ऐसे में वहां की दूसरी संस्थाए क्यों चुप रही ये हैरानी है ….इस उम्र में शिशु का जन्म दोनों के लिए हानिकाराक है मानसिक ओर स्वास्थ्य दोनों रूपों में …ओर शिशु को पालने के लिए एक व्यावहारिक ज्ञान ओर खास किस्म की सवेदना ,परिपक्वता की भी आवश्यकता है( आर्थिक संबलता के अलावा ) जो उस उम्र में सम्भव नही है ….इसके कई सामाजिक ,नैतिक कारण है….
      वैसे आप ने अपने विचार नही दिए ,उन्हें भी प्रकट करे …..
      दुर्भाग्य से हमारे देश में कई गाँवों में आज भी बाल विवाह की ये कुप्रथा जारी है ..जो ऐसी ही परिस्थितिया उत्पन्न कर देती है

    7. Tarun Says:

      @अरविंद जी, बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता के साथ साथ ये उन युवाओं के स्वास्थ्य (मानसिक ज्यादा) के लिये भी चिंता का विषय है जो विचारों में और शिक्षा में उसके बाद आगे नही बढ़ पाता। अपने पैरों पर खड़े होने से पहले ही जबरदस्ती या गलती से लादी जिम्मेदारी आगे की जिंदगी की पूरी ऐसी तेसी कर देती है।

      @सीमा, यस इट इस

      @सुरेश, क्या आपको लगता है टीन प्रीगनेंसी भारत में नही होती, यहाँ कई जगहों में कम उम्र की लड़कियाँ ब्याह दी जाती हैं और कम उम्र में ही उनके बच्चे हो जाते हैं। ये समस्या भारत में भी है बस फर्क शायद ये है कि इस समस्या के चारों तरफ शादी का रैपर लगा होता है, पश्चिम में नही। समस्या और चिंता टीन प्रीगनेंसी की है।

      @अनुराग, आपकी बातों से सहमत, मेरे भी विचार ये ही हैं। टीन प्रीगनेंसी यहाँ बहुत चिंता का विषय है और ऐसा नही है कि उन्हें काउंसिलिंग नही दी जाती लेकिन कई बार ये सिर्फ एक रोमांच के रूप में हो उठता है तो कभी साथियों की देखा देखी, उसका एक बहुत बड़ा कारण स्कूलों में बिल्कुल भी सख्ती नही होना। टीन प्रीगनेंसी पर मैने पहले भी अपने विचार दिये हैं।

    8. शास्त्री जे सी फिलिप् Says:

      जिस तेजी से हम पाश्चात्य संस्कृति को आंख मीच कर आयात कर रहे हैं उस हिसाब से सन 2010 तक ये खबरें आपको हिन्दुस्तान के बडे शहरों से मिलने लगेंगी

      सस्नेह — शास्त्री

      – हर वैचारिक क्राति की नीव है लेखन, विचारों का आदानप्रदान, एवं सोचने के लिये प्रोत्साहन. हिन्दीजगत में एक सकारात्मक वैचारिक क्राति की जरूरत है.

      महज 10 साल में हिन्दी चिट्ठे यह कार्य कर सकते हैं. अत: नियमित रूप से लिखते रहें, एवं टिपिया कर साथियों को प्रोत्साहित करते रहें. (सारथी: http://www.Sarathi.info)

    9. Gyan Dutt Pandey Says:

      आगे आगे देखिये होता है क्या?!

    10. ghughutibasuti Says:

      http://kobrapost.blogspot.com/2009/02/blog-post_7473.html और माँ बन गई मासूम गीता
      देखिए कितनी जल्दी भारत पर बुरा प्रभाव पड़ गया। सब आधुनिकता व स्त्री के खुलेपन के कारण और हाँ पश्चिम की नकल के कारण। बहुत दुखद है यह सब ! हमें बचकर चलना होगा।
      वैसे यह दुखद है। माता पिता को ध्यान रखना चाहिए कि मानसिक विकास से पहले ही शारीरिक विकास हो जाता है।
      घुघूती बासूती

    11. rachna Says:

      ghughutibasuti ji ki tippani ko meri bhi samjh lae

    12. amit Says:

      अपना इस बारे में फिलहाल कोई विचार नहीं है इसलिए उसको प्रकट नहीं कर सकते। हर बात की ही भांति इस बात के भी कई कोण हैं और इस खबर को पढ़ने अथवा इसके बारे में जानने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी सुविधा और समझ के अनुसार अपने वाले कोण से इस खबर को देख रहा है, उदाहरण अभी तक आई टिप्पणियों में दिख जाता है! :)

    बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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