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Incredible India: स्टोरी आफ इंडिया

January 7th, 2009 | 15 Comments | Posted in देश दुनिया, भारत

प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक, प्रसारक और प्रस्तुतकर्ता माइकल वुडस की लिखी किताब In Search of Myths and Heroes अभी खत्म ही की थी कि इन्हीं की इंडिया पर बनायी 6 एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री देखने का अवसर मिल गया। ये इन्होंने बीबीसी के लिये बनायी थी और आजकल इसका यहाँ अमेरिका के चैनल पर प्रसारण चल रहा है।

इसमें इंडिया के त्यौहारों से लेकर इतिहास तक सब कुछ दिखाया गया है, माइकल वुडस की रिसर्च लाजवाब रहती है। अगर आप अमेरिका में हैं तो आने वाले दिनों में ये प्रोग्राम देख सकते हैं, समय और चैनल जानने के लिये यहाँ क्लिक करिये। और अगर आप कहीं और हैं तो PBS की साईट पर जाकर विडियो की एक झलक और ब्रेथटेकिंग फोटोज तो देख ही सकते हैं। साथ ही साथ सारे एपिसोड के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।

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15 Responses to “Incredible India: स्टोरी आफ इंडिया”

  1. Dr.Arvind Mishra Says:

    यहाँ थोडा विस्तार ऐ बताएं तरुण -मेरी ईस विषय में रूचि है

  2. Tarun Says:

    @अरविंदजी दिये गये लिंक पर जाकर आपको बहुत कुछ पढ़ने और जानने को मिल जायेगा, वहाँ सब विस्तार से दिया हुआ है।

  3. PN Subramanian Says:

    भारत की कहानी का प्रस्तुतिकरण लाजवाब है. इसके कुछ हिस्से यू ट्यूब पर उपलब्ध हैं. हमने पार्ट ३ डाउनलोड किया था. पुर डॉक्युमेंटरी की सीडी मिलेगी तो मज़ा आ जाएगा. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी है. हम अभारी हैं.

  4. ताऊ रामपुरिया Says:

    इस नायाब जानकारी के लिये आपको धन्यवाद.

    रामराम.

  5. Smart Indian Says:

    I also watched the first two episodes yesterday.

  6. abha Says:

    बहुत बहुत शुक्रिया ,देखती हूँ……..

  7. abha Says:

    बहुत बहुत शुक्रिया ,देखती हूँ.चटका कर ही सही…….

  8. dr parveen chopra Says:

    धन्यवाद, यह सब बताने के लिये।

  9. डा. अमर कुमार Says:


    तरूण भाई, मुझे यह सारे इपिसोड कहाँ प्राप्त हो सकते हैं ?
    बताने का आभार देय रहेगा, अभी तो अग्रिम धन्यवाद !

  10. Abhishek Ojha Says:

    अच्छा याद दिलाया आपने… बहुत दिनों से डीवीडी पड़ी हुई है देखने के लिए. देखता हूँ जल्दी ही.

  11. Gyan Dutt Pandey Says:

    एपीसोड समरी का पेज देखा। धन्यवाद।

  12. लावण्या Says:

    जी हाँ हमेँ भी इँतज़ार था और सीरीज़ देखी – पार्ट -१ और २, और इसकी डीवीडी भी ओर्डर की है
    एक बात से बहुत विस्मय हुआ कि आर्योँ का मूल स्थान रशिउआ के आर्कीयोलोजिस्ट की खुदाई और छानबीन के तहत ऐसा कहा गया इस सीरीज़ मेँ कि आर्योँ का मूल निवास तुर्कमिस्तान मेँ था और सँभावित टर्क़ी तक फैला हुआ था -मतलब आर्य भारत मेँ मध्य एशिया से आये और फिर हडप्पा मतलब सिँधु घाटी सभ्यता और उसके बाद गँगा धाटी सभ्यता बसानेवाले हुए -आप का क्या खयाल है तरुण भाई ?
    लावण्या

  13. Tarun Says:

    @अमरजी, शायद यूट्यूब में मिल जाये, वैसे ये डीवीडी में भी उपलब्ध हैं। भारत में कहाँ मिलेगा कह नही सकता, पता चलने पर बताऊंगा।

    @लावण्याजी, मैने ये कहीं और भी पढ़ा था, शायद स्कूल में भी ऐसा ही कुछ पढ़ा था।

    आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद और एक :)

  14. amit Says:

    पिछले वर्ष एक मित्र से लेकर देखी थी 6 भाग की पूरी शृंखला, वाकई बहुत अच्छी बनाई गई चीज़ है। इसकी डीवीडी बीबीसी की दुकान में साढ़े पंद्रह पाऊंड्स में यहाँ उपलब्ध है और ब्रिटिश अमेज़न पर बारह पाऊंड्स में यहाँ उपलब्ध है। अमेरिकन अमेज़न पर अभी यह उपलब्ध नहीं है, वहाँ पर यह पीबीएस वीडियो पर उपलब्ध होगी जब वे इसको टेलीविज़न पर पूरा चला लेंगे! :) मेरे अनुसार यह संग्रहणीय चीज़ है!

  15. amit Says:

    मतलब आर्य भारत मेँ मध्य एशिया से आये और फिर हडप्पा मतलब सिँधु घाटी सभ्यता और उसके बाद गँगा धाटी सभ्यता बसानेवाले हुए

    लावण्या जी, यह आपको लगभग हर इतिहास की किताब आदि में मिलेगा, आर्य सभ्यता मध्य एशिया से ही आई और उनके पूर्वज अफ़्रीका से चलते हुए मध्य एशिया पहुँचे थे। इस स्थानांतरण में सैकड़ों वर्ष लगे थे। संस्कृत आदि प्राचीन भारतीय भाषाएँ इंडो-योरोपीयन परिवार की भाषाएँ हैं। यदि आप श्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी “डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया” पढ़ें तो उसमें भी आप इस विषय को पाएँगी कि आर्य मूलतः बंजारे थे जो अपने मवेशी लिए स्थान-२ भटकते थे भोजन की खोज में और अंततः वे सिन्धु नदी के तट पर बसे। नेहरू की “डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया” के अनुसार आर्यों ने सिन्धु नदी किनारे बसी इंडस वैली सिविलाईज़ेशन को समाप्त किया क्योंकि जगह के अधिपत्य को लेकर आर्यों का उनसे झगड़ा हुआ, बाद में इन्हीं का वर्णन पौराणिक कथाओं में राक्षसों के रूप में हुआ।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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